मोतिहारी : दरपा थाना के पीपरा गांव का रहने वाला हार्डकोर नक्सली नूर आलम मियां पकड़ा गया़ पुलिस व सीआरपीएफ की टीम ने गुरुवार की सुबह पीपरा गांव की नाकेबंदी कर उसे गिरफ्तार किया है़ उसके विरुद्ध हत्या, आर्म्स एक्ट व टावर जलाने के आधा दर्जन मामले विभिन्न थानों में दर्ज हैं
एसपी सुनील कुमार ने बताया कि गिरफ्तार नक्सली दो साल पहले जेल से जमानत पर छूटा था, उसके बाद इलाके में संगठन के बलबूते अपनी धाक जमाने के लिए उपद्रव फैलाना शुरू कर दिया था़ उन्होंने बताया कि वर्ष 2008 में दरपा के तीनकोनी गांव में वर्चस्व को लेकर हुए ट्रीपल मर्डर केस में भी नूर आलम आरोपित है़ इसके अलावे दरपा में ही आर्म्स एक्ट के तीन व चिरैया थाना में टावर जलाने में नामजद है़ उन्होंने बताया कि नूर आलम की गिरफ्तारी बड़ी उपलब्धि है़ उसे पकड़ने वाली पुलिस व सीआरपीएफ टीम को पुरस्कृत किया जायेगा़ छापेमारी में एएसपी अभियान राजीव कुमार, सीआरपीएफ के डिप्टी कमांडेट विक्रम कुमार, दरपा थानाध्यक्ष सतीशचंद्र माधव सहित अन्य शामिल थ़े
नक्सलियों के हैं दो गुट
दरपा के इलाके में नक्सलियों के दो गुट सक्रिय है़ एक गुट का लीडर जगन्नाथ साह व दूसरे गुट का लीडर भुन्ना मियां है़ गिरफ्तार नूर आलम भुन्ना मियां का सहोदर भाई है़ दोनों भाई मिल कर अपना एक अलग संगठन बनाये है़. उनकी टक्कर जगन्नाथ साह गुट से रहती है़ नौ जुलाई 2014 को भुन्ना मियां व जगन्नाथ साह गुट में जम कर गोलीबारी हुई थी, जिसमें जगन्नाथ सहित अन्य घायल हो गये थ़े इसको लेकर दरपा थाना में कांड संख्या 67/14 दर्ज है़
कब्जा को ले दावेदारी
तीनकोनी गांव के सुरेंद्र सिंह की 88 बीघा जमीन पर कब्जा को लेकर तीन दशक पहले दरपा के पीपरा गांव के ग्रामीणों ने एक संगठन बनाया़ वहीं संगठन आगे चल कर हथियार उठा लिया़ उस जमीन पर कब्जा को लेकर जारी खूनी संघर्श में एक दर्जन लोगों की हत्या हो चुकी है़ पुलिस का कहना है कि जमीन की लालच में संगठन के बीच अंदरू नी कलह उत्पन्न हो गया, जिसके कारण संगठन दो गुटों में बट कर जमीन पर अपनी-अपनी दावेदारी शुरू कर दी़
