बेटे की बरामदगी को गिड़गिड़ाते रहे प्रेमशंकर, आखिर मिली लाश

बहनोई के साथ मिल अभिनंदन ने की विवेक की हत्या मोतिहारी/ढाका/सिकरहना : ढाका थाना क्षेत्र के कसवा बड़हरवा गांव से नौ फ रवरी को अपहृत पांचवीं कक्षा के छात्र विवेक तिवारी का शव मंगलवार की देर रात पकड़ीदयाल थाना क्षेत्र के रामपुरवा बगीचा के समीप से पुलिस ने जमीन खोद कर बरामद किया़ अपहृत छात्र […]

बहनोई के साथ मिल अभिनंदन ने की विवेक की हत्या
मोतिहारी/ढाका/सिकरहना : ढाका थाना क्षेत्र के कसवा बड़हरवा गांव से नौ फ रवरी को अपहृत पांचवीं कक्षा के छात्र विवेक तिवारी का शव मंगलवार की देर रात पकड़ीदयाल थाना क्षेत्र के रामपुरवा बगीचा के समीप से पुलिस ने जमीन खोद कर बरामद किया़ अपहृत छात्र की हत्या की सूचना मिलते ही गांव में कोहराम मच गया़
ग्रामीण आक्रोशित हो ढाका थाना पहुंच गये और पुलिस के निष्क्रियता के खिलाफ नारेबाजी करने लग़े थाना गेट के समीप मुख्य पथ पर आगजनी कर सड़क जाम कर दिया और प्रदर्शन करने लग़े वहीं पुलिस अपनी निष्क्रियता पर चुप्पी साधी रही़ ग्रामीणों का आरोप था कि पुलिस निष्क्रियता के कारण ही अपहृत की हत्या हुई है़
नौ फरवरी को हुआ अगवा
कसवा बड़हरवा निवासी प्रेमशंकर तिवारी ने 13 फ रवरी को थाना में आवेदन देकर बताया था कि उनका पुत्र विवेक तिवारी नौ फ रवरी को गांव के ही स्कूल में पढ़ने गया था, जहां से लौट कर घर वापस नहीं आया़ उन्होंने अपने सगे-संबंधियों के यहां खोजबीन की, लेकिन पता नहीं चला़ इस संबंध में उन्होंने अपने ही गांव के संधीर दूबे और पकड़ीदयाल के अभिनंदन पांडेय को नामजद करते हुए प्राथमिकी दर्ज करायी थी, जिसके बाद अपहरणकत्र्ताओं द्वारा 15 लाख के फि रौती की मांग की गयी थी, जो पांच लाख पर तय हुआ था़ प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस आरोपित के ठिकाने पर छापेमारी करती रही और वे पुलिस को चकमा देकर बचते रह़े
किया था सरेंडर
पुलिस दबिश के कारण 19 फ रवरी को संधीर ने न्यायालय में सरेंडर किया था़ वहीं दो मार्च को उसके साले अभिनंदन ने आत्मसमर्पण किया़ इस बीच 21 फ रवरी को रिमांड पर लेकर पुलिस ने संधीर से पूछताछ की, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला़ अभिनंदन पांडेय के नाबालिग होने के कारण उसे मोतिहारी रिमांड होम भेजा गया था़, जहां से मैट्रिक परीक्षा देने वह रामपुरवा आया था़
अभिनंदन टूटा, खुलासा
विवेक तिवारी के परिजन लगातार पुलिस संपर्क में थे और बेटे की बरामदगी के लिए गिड़गिड़ाते रह़े एसपी सुनील कुमार अपहरण कांड को पुलिस के लिए चुनौती मानते हुए अविलंब विवेक को बमराद कर लेने का भरोसा दिलाते रह़े हालांकि क्षत-विक्षप्त शव मिलने के बाद पुलिस के सारे दावे खोखले सिद्ध हुए़ परीक्षा देने के लिए अभिनंदन के रिमांड होम से घर आने की सूचना पर परिजन पुलिस के साथ रामपुरवा गये, जहां पूछताछ के दौरान अपहरण और हत्या के सारे मामले का खुलासा हुआ़
हथियार बरामद
पूछताछ करने गयी पुलिस ने तलाशी के दौरान अभिनंदन के घर से हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी व देसी बंदूक की नाल बरामद की़ उसके बाद पूछताछ से टूटे अभिनंदन ने बताया कि वह अपने बहनोई के साथ मिल कर कसवा बड़हरवा से विवेक को रामपुरवा लाया, यहीं गला दबा कर उसकी हत्या कर दी़ रात होने पर पुरानी चिमनी के पास ले जाकर कुल्हाड़ी से हाथ-पैर और शरीर के बाकी हिस्से को टुकडों में काट डाला और अलग-अलग जगह जमीन मेंदबा दिया़ अपने बयान में कहा कि विवेक के पिता प्रेमशंकर तिवारी और उसके बहनोई के बीच जमीन विवाद था़
इस दुश्मनी के चलते विवेक को खत्म कर प्रेमशंकर को सबक सिखाया़ विवेक को हमलोग घुमाने के बहाने मोटरसाइकिल पर बैठाकर रामपुरवा लाये थ़े अभिनंदन फनहारा थाना के रूपौलिया का रहनेवाला है़ चार वर्ष पूर्व उसके पिता विजय पांडेय रामपुरवा मिट्टी तेल पंप के पास घर बना कर रहते थ़े घर में मां, बाप एक बहन व दो भाई हैं.
दे रहा था मैट्रिक परीक्षा
आरोपित अभिनंदन रिमांड होम से परीक्षा देने के लिए पेरोल पर छूटा था़ मंगलवार को एलएनडी कॉलेज मोतिहारी में उसने अंग्रेजी की परीक्षा दी थी़ उसका क्रमांक 150252 तथा रौल कोड 5507 है़ वह रामअयोध्या सिंह उच्च विद्यालय बड़कागांव से दसवीं की पढ़ाई कर रहा था़
घरवालों पर भी संदेह
अभिनंदन के घर वालों की भूमिका भी संदेहास्पद है़ विवेक तिवारी को अभिनंदन अपने बहनोई के साथ मोटरसाइकिल पर अपने घर लाया था़ इस पर घरवालों ने उसे रोका क्यों नहीं या उन्हें हत्या की इस योजना का आभास था़ उन बिंदुओं पर भी पुलिस गहराई से छानबीन कर रही है़
पेरोल पर छूटा था अभिनंदन
कि शोर न्याय परिषद मोतिहारी के पत्रंक 166 दिनांक 13 मार्च 15 के आदेश के आलोक में पिता विजय पांडेय के जमानत पर अभिनंदन 17-24 मार्च तक पेरोल पर बाहर आया था़ सिपाही के अभाव में उसे परीक्षा देने के लिए पिता के साथ जाने की अनुमति दी गयी थी़ इसकी पुष्टि किशोर न्याय परिषद के आदेश संख्या 45 से होती है, जो 16 मार्च को निर्गत किया गया था़
रिश्ता दागदार
आरोपित संधीर दूबे विगत एक वर्ष से छात्र विवेक तिवारी को टय़ूशन
पढ़ाता था़ दोनों के बीच गुरु-शिष्य का रिश्ता था़ ऐसे में संधीर दूबे ने अबोध शिष्य की हत्या कर गुरु-शिष्य परंपरा को कलंकित कर दिया है़
परिवार में चीख-पुकार
अपहृत विवेक की हत्या की खबर मिलते ही मां बबीता देवी, चाची अनिता देवी, बहन कंचन कुमारी दहाड मार-मार कर रोने लगी़ सभी मृतक का नाम ले-ले कर चीत्कार रहे थे और कह रहे थे कि अब हमनी बबुआ कह के केकरा के बोलाएब़ ज्ञात हो कि दो भाई और एक बहन में विवेक सबसे छोटा था़ बहन कंचन ढाका हाई स्कूल में नौवीं की छात्र है. जबकि बडा भाई विशाल तिवारी गांव के ही स्कूल में छठी कक्षा में पढ़ता है़
घर पर सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और शुभचिंतक आंसू बहाते हुए परिजनों को सांत्वना देने में लगे थ़े सभी के आंखे छलक रही थी़ किसी के मुंह से इस दर्दनाक घटना की जानकारी के बाद पूरी आवाज भी नहीं निकल पा रही थी़ मां, बहन और चाची का रो-रो कर बुरा हाल था़ वे बार-बार बेहोश हो रही थी़ पानी का छिडकाव कर होश में लाया जाता था और पुन: वहीं बेहोश हो जाती थी़ पिता प्रेमशंकर तिवारी और चाचा रामनिवास तिवारी दहाड़ मारकर रोरहे थ़े
गांव में नहीं जले चूल्हे
विवेक की हत्या के खबर के बाद पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया़ सभी अचंभित थे कि ऐसी वीभत्स घटना को गांव के ही संधीर दूबे ने कैसे अंजाम दिया़ पूरा गांव हत्या पर आंसू बहाता रहा़ किसी को खाने-पीने की सुध नहीं थी़ किसी के घर चूल्हा नहीं जला़
सभी दोषियों को कोसते रह़े गांव के ही रंजन दूबे, हरिश्चंद्र दूबे, अरुण तिवारी ने बताया कि पूरा गांव मर्माहत है और आज किसी के घर में चूल्हा नहींजला है़
होगा डीएनए टेस्ट
शव के टुकड़ों के डीएनए टेस्ट के लिए ढाका थाना के एसआइ राजकुमार मृतक के परिजनों के साथ मुजफ्फ रपुर गये, लेकिन आज डीएनए टेस्ट नहीं हो सका़ इस संबंध में दूरभाष पर बताया कि गुरुवार को संध्या चार बजे डीएनए टेस्ट के लिए बुलाया गया है़
नहीं है रिमांड होम अधीक्षक के हस्ताक्षर
रिमांड होम के अधीक्षक द्वारा निर्गत आदेश पत्र संख्या 45 दिनांक 16 मार्च 15 पर अधीक्षक की मुहर तो है, लेकिन किसी पदाधिकारी का हस्ताक्षर नहीं है़ आश्चर्यजनक है कि बिना हस्ताक्षर के आदेश पत्र के आलोक में रिमांड होम से अभिनंदन को कैसे छोड़ा गया़ यह रिमांड होम की लचर व्यवस्था को दरसाता है़

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