आदापुर : अंचलाधिकारी प्रभात कुमार अपने व्यवहार को लेकर अपने पदस्थापना काल से ही चर्चा में हैं. वे जनप्रतिनिधियों, आम लोगों से हमेशा असंसदीय भाषा का प्रयोग कर बातचीत करते रहे हैं.
वहीं विभिन्न प्रमाणपत्रों पर अपना हस्ताक्षर अलग-अलग तरह से करने को लेकर भी चर्चा में हैं. उनके द्वारा आय, आवासीय, जाति व भू-स्वामित्व प्रमाणपत्र पर अलग-अलग हस्ताक्षर किया जाता है. इसको लेकर प्रखंड के दर्जनों जनप्रतिनिधियों व सैकड़ों लोगों ने अनुमंडल पदाधिकारी से लेकर डीएम तक शिकायत की है. लोगों ने सीओ को हटाने की मांग भी की है. बुधवार को प्राप्त आवेदन के आलोक में जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला आपूर्ति पदाधिकारी राज कुमार व जिला सहकारिता पदाधिकारी अरविंद पासवान मामले की जांच को प्रखंड कार्यालय पहुंचे.
जांच टीम के आने की सूचना पर धीरे-धीरे पीड़ित लोगों का जमावड़ा प्रखंड विकास पदाधिकारी के कार्यालय कक्ष में होने लगा और अपनी-अपनी शिकायतों की झड़ी लगा दी.
जांच टीम से शिकायत
इस दौरान राजद अध्यक्ष रमेश कुमार सिंह ने बीडीओ व सीओ पर आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों पदाधिकारी आमलोगों से लेकर कर्मियों से बातचीत करने में असंसदीय भाषा का प्रयोग करते हैं. साथ ही सरकारी योजनाओं से लेकर प्रमाण-पत्र बनाने के नाम पर अवैध उगाही की बात कही. इस दौरान सर्वदलीय नेताओं ने एक ज्ञापन जांच टीम को सौंपा. इसमें अंचलाधिकारी का व्यवहार किसानों के साथ असंतोषप्रद बताया गया है.
साथ ही महिलाओं, बुजुर्गो व किसानों के साथ असंसदीय भाषा का प्रयोग करने की बात कही गयी. इस दौरान मझरिया निवासी सफीउल्लाह खान ने जांच टीम को बताया कि 15 दिनों से धान लदा ट्रैक्टर गोदाम पर लगा है लेकिन अवैध राशि नहीं देने के कारण उनकी धान नहीं ली जा रही है.
मिलर नहीं उठा रहे धान
जांच टीम के अधिकारियों को धान रखने के लिए जगह नहीं होने की बात कही. इस पर अधिकारियों ने पूछा कि कौन-कौन मिलर है. इसमें जगदंबा भवानी आदापुर, जय माता दी कचोरवारी व शिव नंदनी मझरिया का नाम सामने आया. अधिकारियों ने सभी मिलरों को धान का उठाव करने का निर्देश दिया ताकि गोदाम खाली हो सके और किसानों के धान की खरीदारी की जा सके.
जांच टीम गंभीर
अंचलाधिकारी प्रभात कुमार विभिन्न प्रमाण-पत्रों पर अलग-अलग तरह से हस्ताक्षर करते हैं. लोगों ने जांच टीम को आय, आवासीय, जाति व भू-स्वामित्व प्रमाण-पत्र की छायाप्रति उपलब्ध करायी, जिसमें सभी प्रमाण-पत्रों पर अलग-अलग इनिशियल हस्ताक्षर पाया गया. जिसे अधिकारियों ने गंभीरता से लिया.
लगायी फटकार
अंचल में नियोजित एलपीसी सहायक मधुरेंद्र पर भी भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र बनाने में अवैध राशि उगाही का आरोप लोगों ने लगाया. इसके बाद जांच टीम ने लोगों के सामने मधुरेंद्र को बुला कर अपनी आदत में सुधार लाने की हिदायत दी. साथ ही कहा कि आगे से इस तरह की शिकायत मिलती है तो सीधे कार्रवाई होगी. शिकायत करने वालों में पूर्व मुखिया राम एकबाल प्रसाद यादव, कोहेनूर आलम, सेराजूल हक, रोबिन प्रवीण, जय नारायण राय, रंजन यादव, जाकिर, अजय कुमार राय, प्रकाश राय, रंजन यादव, मदन मोहन सिंह, हमीद देवान, कन्हैया लाल प्रसाद सहित अन्य शामिल हैं.
