पटना में रहनेवाले छात्रों की संख्या भी कम नहीं
50 हजार से नीचे प्लेटलेट्स होता है खतरनाक
गंदा व सड़ा पानी होता है डेंगू का आश्रय स्थल
मोतिहारी : पूर्वी चंपारण जिले में डेंगू का कहर रुकने का नाम नहीं ले रहा है. प्रतिदिन सदर अस्पताल सहित शहर के निजी चिकित्सकों के यहां मरीजों का आना जारी है. विभिन्न क्लिनिकों का भ्रमण करने के बाद जो आंकड़े सामने आ रहे हैं वह चौकानेवाले हैं. आंकड़ों के अनुसार पिछले एक से डेढ़ माह में 400-500 मरीज विभिन्न क्लिनिकों में भर्ती हुए और ईलाज कराये.
एक ही परिवार के तीन-तीन पीड़ित भी ईलाज को पहुंचे. अधिकांश मरीज बाहरी थे, जिसमें पटना के छात्रों की संख्या भी कम नहीं थी. वे ऐसे छात्र थे जो पूर्वी चंपारण व आसपास के जिले के निवासी है और पटना में रहकर पढ़ाई कर रहे थे.
इस बीमारी में प्लेटलेट्स घटना खतरनाक माना जाता है. चिकित्सकों के अनुसार अगर 50 हजार से नीचे प्लेट्सलेट्स हो जाता है तो उसकी स्थिति गंभीर मानी जाती है. अब भी शहर के शरण नर्सिंग होम में करीब आधे दर्जन डेंगू के मरीज ईलाजरत है. सदर अस्पताल में जांच की कमी व सही ईलाज न होने के कारण लोग निजी जांच घर व क्लिनिकों की ओर रूख कर रहे हैं.
पांच फीट की ऊंचाई तक काटता है डेंगू मच्छर: डेंगू का मच्छर चार से पांच फीट की ऊंचाई तक ही काट सकता है. ऐसे में मच्छरदानी का प्रयोग करें और हाफ पैंट के बजाये पूरे शरीर को ढकनेवाला कपड़ा पहने. घर के पास जल-जमाव न होने दे. अगर जल-जमाव है तो केरोसीन का छिड़काव करें. फ्रिज व कूलर के पानी पर भी ध्यान दें. पुराना पानी बदल दे.
