प्रशासनिक अधिकारियों ने किया निरीक्षण
मोतिहारी : सरकार भले ही चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत करने, मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा देने के लिए कई स्तर पर प्लानिंग कर लें. मास्टर प्लान बना ले, लेकिन धरातल पर कितना अनुपालन होता है. यह मोतिहारी सदर अस्पताल में देखने से स्पष्ट हो जायेगा. हालत यह है कि यहां के चिकित्सक ड्यूटी पर रहे या न रहे उनकी एडवांस हाजिरी जरूर बन जाती है.
दवा की कमी, पीने का पानी की समस्या तो यहां आम बात हो गयी है. बुधवार को डीएम रमण कुमार के निर्देश पर जिला प्रशासन की टीम सदर अस्पताल का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान कई चिकित्सक, पारा मेडिकल के स्टाप यहां तक की सुप्रिटेंडेंट भी नदारद थे. तीन सदस्यीय टीम सदर अस्पताल के इमरजेंसी में प्रवेश की.
वहां मौजूद रजिस्टर को देख ड्यूटी पर तैनात सर्जन डाॅ अरशद कमाल से पूछताछ की. उसके बाद टीम सीधे ओपीडी बिल्डिंग में पहुंची. वहां कोई चिकित्सक नहीं था. कोई पारा मेडिकल स्टाफ नहीं था. वहां उपस्थित पंजी को देख अधिकारी पेशोपेश में पड़ गये. चर्म रोग विशेषज्ञ डाॅ अमित नारायण किशोर की उपस्थिति पंजी में एडवांस हाजिरी बनी थी. निरीक्षण के थोड़ी देर बार डाॅ अमित किशोर पहुंचे, उनसे बातचीत की और कहा कि एडवांस हाजिरी भी बनाते हैं.
टीम सदर अस्पताल के पानी की व्यवस्था को दुरुस्त करने, ओपीडी में लगे पंखे को ठीक करने का निर्देश दिया. टीम ने सदर अस्पताल के दवा भंडार, एंबुलेंस, नल जल की व्यवस्था देखा. टीम का नेतृत्व डीसीएलआर अजीत कुमार, प्रशिक्षु उपसमाहर्ता सुजीत कुमार तथा प्रशिक्षु आईएएस रचना माद्री कर रही थी. टीम के साथ अस्पताल प्रबंधक विजयचंद्र झा भी थे. उन्हें टीम के सदस्यों ने आवश्यक निर्देश दिया, जिसे वे शीघ्र पूरा करने का आश्वासन दिया. टीम के सदस्यों ने बताया कि वे अपनी रिपोर्ट जिला पदाधिकारी को सौपेंगे.
