घोड़ासहन का वृता चौक बना शटरकटवा गिरोह का आश्रय स्थल

मोतिहारी :बैंकाक, हरियाणा, जम्मू, नाडिया तक अपने कला का जौहर दिखा चुके घोड़ासहन का शटरकटवा गिरोह के पीछे विभिन्न प्रदेशों की पुलिस पड़ी है. हाल के दिनों में 28 शटरकटवा चिह्नित किये गये हैं, जिसमें सात की गिरफ्तारी हुई है. चिह्नित व गिरफ्तार अधिकांश घोड़ासहन के वृता चौक निवासी है. गिरोह के सरगना के रूप […]

मोतिहारी :बैंकाक, हरियाणा, जम्मू, नाडिया तक अपने कला का जौहर दिखा चुके घोड़ासहन का शटरकटवा गिरोह के पीछे विभिन्न प्रदेशों की पुलिस पड़ी है. हाल के दिनों में 28 शटरकटवा चिह्नित किये गये हैं, जिसमें सात की गिरफ्तारी हुई है.

चिह्नित व गिरफ्तार अधिकांश घोड़ासहन के वृता चौक निवासी है. गिरोह के सरगना के रूप में लैन के अजय-विजय व वृता चौक के राहुल, दरभंगा के हरेंद्र आदि को चिह्नित किया गया है. हाल के दिनों में करीब आठ राज्यों की पुलिस घोड़ासहन में छापेमारी कर
चुकी है.
हाल के दिनों में जो आंकड़े सामने आये हैं, उसमें करीब 150 करोड़ के मोबाइल सहित अन्य सामान शटरकटवा गिरोह के सदस्य विभिन्न प्रदेशों से घोड़ासहन ला चुके हैं, जिसे क्रमवार में नेपाल ले जाकर बेंच दिया गया. कहते हैं कि किसी प्रदेश में जाने के पहले गिरोह के सदस्यों की प्लानिंग वृता चौक से होती है और चोरी के बाद अधिकांश सामान वृता चौक ही आते हैं.
वैसे इस गिरोह में घोड़ासहन के अलावे बैरगनिया, सीतामढ़ी, दरभंगा व मोतिहारी छतौनी के लोग भी शामिल है. घोड़ासहन में वृता चौक के अलावे अठमुहान, श्रीपुर, बीजबनी आदि सदस्यों का शरणस्थली बताया जाता है. इधर घोड़ासहन पुलिस का कहना है कि चिह्नित लोगों की खोज में छापेमारी होती है, लेकिन नेपाल भाग जाने के कारण गिरफ्तारी में परेशानी होती है.

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