लोगों ने बनाया 25 मी लंबा लकड़ी का पुल

बुढ़वा कुकुरजरी के पास 25फीट में टूट गयी थी सड़क मंगलवार से चचरी पुल से बाढ़ पीड़ितों का आवागमन शुरू मोतिहारी : जब हौसला बुलंद हो और कुछ करने का जज्बा हो, तो संकट में भी एकजुटता से नये कीर्तिमान स्थापित होते हैं. इस तरह के कीर्तिमान को स्थापित किया है बंजरिया प्रखंड के कुकुरजरी […]

बुढ़वा कुकुरजरी के पास 25फीट में टूट गयी थी सड़क

मंगलवार से चचरी पुल से बाढ़ पीड़ितों का आवागमन शुरू

मोतिहारी : जब हौसला बुलंद हो और कुछ करने का जज्बा हो, तो संकट में भी एकजुटता से नये कीर्तिमान स्थापित होते हैं. इस तरह के कीर्तिमान को स्थापित किया है बंजरिया प्रखंड के कुकुरजरी ग्रामीणों ने.

बताया जाता है कि बंजरिया प्रखंड के कुकुरजरी बुढ़वा के पास बाढ़ के दौरान 25 मीटर सड़क बह गया. उस टूटे सड़क से दो बाइक सवार भी बह गये थे, जिसे ग्रामीणों ने बचा लिया. उसके बाद ग्रामीणों की एकजुटता रंग लायी और सरकार व प्रशासन के भरोसे काम छोड़ने के बजाये स्वयं सड़क पुल बनाने का ठान लिया. सड़क के टूट जाने से बंजरिया होकर रामगढवा, जनेरवा, खैरी सहित दर्जनों गांव का संपर्क भंग हो गया है. जिला मुख्यालय आने-जाने के लिए सुगौली ही एकमात्र रास्ता था.

स्थानीय ग्रामीण आपदा प्रबंधन समिति ने टूटे मार्ग पर लकड़ी और बांस का चचरी पुल बनाया, जिससे होकर लोगों का आना-जाना शुरू हो गया है. जो अन्य लोगों के लिए एक मिशाल के समान है. इसमें ग्रामीणों के अलावा सेव द चिल्ड्रेन व सामाजिक शोध व विकास केंद्र की भी लोगों को जागरूक करने में महती भूमिका रही. अब एक दर्जन गांव के लोग उस चचरी पुल से आने-जाने में राहत महसूस कर रहे हैं.

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