मोतिहारी : शहर के चिलवनिया स्थित घर से बुलाकर किशन उर्फ चिंटू झा हत्याकांड में तीन दिन बाद भी गिरफ्तारी न होने को लेकर मोहल्लेवासियों ने शुक्रवार की शाम शहर के चांदमारी चौक को करीब दो घंटे तक जाम कर दिया. चौक पर आगजली कर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आंदोलनकारी एसपी को बुलाने की मांग कर रहे थे.
आंदोलनकारियों का कहना था कि 72 घंटे बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पायी है और ना पुलिस किशन के पिता जयनाथ झा से कोई जानकारी ली है. जयनाथ झा मूल रूप से रामगढ़वा सुखी सेमरा के रहनेवाले है, जिनका इकलौता पुत्र चिंटू था. हत्या के बाद उन्होंने सोनू नामक लड़के पर आशंका जतायी थी. यहां बता दें कि 18 जून को दिन दस बजे चिंटू झा को किसी ने फोन कर बुलाया. 11.30 बजे पिता से बात हुई तो चिंटू द्वारा कहा गया कि पैसा लेकर आ रहा हूं.
उसके बाद से उसका फोन स्वीच ऑफ हो गया, जिसका शव दोपहर में तुरकौलिया थाना के माधोपुर सड़क किनारे मिला. सूचना पर पहुंचे परिजन शव की पहचान चिंटू के रूप में की, जिसे गोली मार हत्या के बाद गला रेत दिया गया थाआशंका है कि उसकी हत्या वाहन में की गयी है. क्येांकि जो तौलिया है वह वाहन का सीट कॉवर है. किशन के पिता जयनाथ झा निजी स्कूल में पढ़ा परिवार चलाते है.
हत्या के बाद उनका कमर टूट गया है. जाम की सूचना पर पहुंचे डीएसपी मुरली मनोहर मांझी, प्रभारी नगर इंस्पेक्टर आनंद कुमार व अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद थे. समझौता वार्ता के बाद जाम समाप्त हुआ. प्रदर्शन में मंतोष कुमार, अनिकेत पाण्डेय, पिता जयनाथ झा, नन्हकी सहनी, मनीष गुप्ता, टेनी कुमार, विक्रम जायसवाल, किसुन कुमार, पिंटू पटेल, अरूण यादव आदि शामिल थे.
