नर्स के चक्कर में जच्चा-बच्चा की मौत

सिकरहना : झोला छाप नर्स के चक्कर में प्रसव को आयी महिला व उसके नवजात शिशु की मौत हो गयी. मनीषा देवी (23) पकड़ीदयाल थाने के परसौनी निवासी विकास पटेल की पत्नी थी. मायके ढाका थाना के सरूपा गांव में है. घटना में आशा फेसिलेटर की भूमिका संदिग्ध लग रही है. मामला उजागर होने के […]

सिकरहना : झोला छाप नर्स के चक्कर में प्रसव को आयी महिला व उसके नवजात शिशु की मौत हो गयी. मनीषा देवी (23) पकड़ीदयाल थाने के परसौनी निवासी विकास पटेल की पत्नी थी. मायके ढाका थाना के सरूपा गांव में है. घटना में आशा फेसिलेटर की भूमिका संदिग्ध लग रही है.

मामला उजागर होने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने सरूपा गांव के आशा फेसिलेटर अर्पणा देवी से मामले में स्पष्टीकरण मांगा है. जानकारी के अनुसार सोमवार को मनीषा को प्रसव पीड़ा हुई, तो गांव के आशा फेसिलेटर को परिजनों ने सूचना दी. सूचना पर पहुंची आशा अर्पणा ने रेफरल अस्पताल ढाका से एंबुलेंस मंगाया और गर्भवती मनीषा व उसके परिजनों को लेकर रेफरल अस्पताल पहुंच इलाज के लिए भर्ती करा दिया. अस्पताल में उसका प्राथमिक उपचार किया गया, लेकिन कुछ देर बाद ही प्रसव को आयी महिला मनीषा अस्पताल से गायब हो गयी.
वह ढाका स्थित एक झोला छाप नर्स प्रियंका कुमारी के यहां पहुंच गयी, जहां उसका समुचित इलाज के अभाव में जच्चा-बच्चा की मौत हो गयी. मामले में नर्स प्रियंका का कहना है कि मरीज की मौत मोतिहारी में हुई है. प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ शाजिद कमाल का कहना है कि मामले में संबंधित आशा से स्पष्टीकरण मांगा गया है. जांच कर कार्रवाई की जाएगी. थानाध्यक्ष अजय कुमार ने बताया कि मामले में कार्रवाई के लिए परिजनों द्वारा थाना में कोई आवेदन नहीं दिया गया है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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