शिक्षा की गुणवत्ता, पर्यावरण के शुद्धिकरण को पौधारोपण, सेवा व संस्कार पर दिया जायेगा बल
मोतिहारी : भारत विकास परिषद 1500 गांवों को शिक्षा, पर्यावरण तथा सेवा व संस्कार देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनायेगी. उक्त बातें भारत विकास परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डाॅ सुरेशचंद्र गुप्ता ने शनिवार को स्थानीय गांधी कॉम्प्लेक्स में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही.
उन्होंने कहा कि संपर्क, सहयोग, संस्कार, सेवा और समर्पण की भावना से ओत-प्रोत होकर हम सभी कार्यों को निष्पादित करते हैं. इसी के तहत हमने यह निर्णय लिया है कि भारत विकास परिषद देश के 1500 गांवों को शिक्षा, पर्यावरण, सेवा व संस्कार देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाते हुए मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास करेगी.
कहा कि इसके लिए तीन सिद्धांतों पर कार्य किया जा रहा है, जिसमें शिक्षा की गुणवत्ता, पर्यावरण के शुद्धीकरण के लिए पौधरोपण व सेवा तथा संस्कार प्रदान किये जायेंगे, ताकि स्वस्थ्य समाज कानिर्माण हो सके. उन्होंने नारी सशक्तीकरण को ले रविवार यानि तीन मार्च को गांधी कॉम्प्लेक्स में महिला सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें अधिक से अधिक संख्या में महिलाएं को शामिल होकर इसका लाभ उठाने की अपील की. कहा कि परिषद बच्चों के विकास के लिए क्वीज कॉन्टेस्ट, भक्ति गानों में प्रतियोगिता का आयोजन करती रहती है.
इसके साथ लोगों को स्वस्थ्य रखने के लिए समय-समय पर चिकित्सा शिविर का आयोजन, रक्तदान व सस्ते दर पर मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराती है. इस मौके पर एसएन पांडा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भुवनेश्वर, गीता पटनायक ओडिशा, सुमन सिंह प्रांतीय संगठन मंत्री, डॉ वाल्मीकि कुमार पटना, मिथलेश कुमार वर्मा राष्ट्रीय मंत्री, सत्यम शाखा के अध्यक्ष पुण्यदेव प्रसाद यादव, मुक्तिनाथ शर्मा, त्रिविक्रम झा, सहदेव कुमार वर्मा, डाॅ एसएन पटेल आदि मौजूद थे.
