आठ जनवरी 2017 को सुनीता देवी और उसके डेढ़ वर्षीय पुत्र रौशन व तीन वर्षीय पुत्री बिलाई की कर दी गयी थी हत्या
बेतिया : पत्नी व बच्चों की हत्या मामले की सुनवाई पूरी करते हुए जिला जज अभिमन्यु लाल श्रीवास्तव ने दोषी करार दिये गये पति और उसके बहनोई को उम्र कैद एवं दस-दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है. अर्थदंड का भुगतान नहीं करने पर दोनों को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. सजायाफ्ता पति जितेंद्र साह बैरिया थाना के पखनाहा डूमरिया तथा उसका बहनोई मोहन साह योगापट्टी थाने के नौका टोला हरपुरवा गांव का रहनेवाला है.
लोक अभियोजक ने बताया कि बेतिया मुफस्सिल थाने के खसुआर गांव के चांदसी साह की पुत्री सुनीता देवी की शादी जितेंद्र साह से हुई थी. दांपत्य जीवन से उसे एक बेटी और दो बेटे पैदा हुए. सुनीता का पति अपने बहनोई के गांव में घर बनाना चाहता था. इस एवज में पचास हजार रुपये की मांग सुनीता और उसके पिता से किया. सुनीता और उसके पिता ने गरीबी का हवाला देकर रुपये देने से इनकार कर दिये. उसके बाद उसका पति सुनीता के साथ मारपीट व प्रताड़ित करना शुरू कर दिया.
अंत में 8 जनवरी 2017 को जितेंद्र ने अपने बहनोई मोहन के साथ मिलकर सुनीता और डेढ़ वर्षीय पुत्र रौशन तथा तीन वर्षीय पुत्री बिलाई की हत्याकर साक्ष्य मिटाने के लिए सभी के लाश को गायब कर दिये. इस संबंध में सुनीता के पिता चांदसी साह ने योगापट्टी थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी थी.
