मोतिहारी में निर्माणाधीन शौचालय की टंकी में दम घुटने से छह लोग मरे

मोतिहारी : बनकटवा प्रखंड के जीतपुर में गुरुवार की सुबह शौचालय की निर्माणाधीन टंकी में गिरने से छह लोगों की मौत हो गयी. मरने वालों में एक ही परिवार के पांच लोग शामिल हैं. बचाने आये एक पड़ोसी की भी मौत हो गयी. निर्माणाधीन शौचालय का स्लैब उठाने के क्रम में यह घटना हुई. शौचालय […]

मोतिहारी : बनकटवा प्रखंड के जीतपुर में गुरुवार की सुबह शौचालय की निर्माणाधीन टंकी में गिरने से छह लोगों की मौत हो गयी. मरने वालों में एक ही परिवार के पांच लोग शामिल हैं. बचाने आये एक पड़ोसी की भी मौत हो गयी. निर्माणाधीन शौचालय का स्लैब उठाने के क्रम में यह घटना हुई. शौचालय की टंकी से सभी को निकालने के बाद लोग उन्हें छौड़ादानों पीएचसी ले गये. वहां चिकित्सकों के नहीं रहने पर गुस्साए लोगों ने जमकर हंगामा, आगजनी व तोड़फोड़ की.

मोतिहारी में निर्माणाधीन…
लोगों की रोड़ेबाजी में सिकरहना डीएसपी घायल हो गये. करीब तीन घंटे तक छौड़ादानों बाजार में अफरा-तफरी का माहौल रहा. चिकित्सको के अनुसार, सभी की मौत दम घुटने के कारण हुई.
मिली जानकारी के अनुसार, जीतपुर वार्ड नम्बर-13 निवासी मोहन राज महतो अपने घर में निर्माणाधीन शौचालय का स्लैब खोल रहे थे. इस दौरान वह अपना संतुलन खो बैठे और टंकी में गिर गये. मोहन को बचाने सीढ़ी लगाकर टंकी में उतरे उनके पिता राजेंद्र महतो भी बाहर नही निकल सके. इस तरह राजेंद्र के पुत्र दिनेश महतो, दिनेश की पत्नी बच्चनी देवी, पन्ना लाल के पुत्र सचीन महतो, दिनेश महतो के पुत्र अनुथोनी महतो उर्फ बसंत भी सीढ़ी से टंकी में उतरे, लेकिन कोई जीवित बाहर नहीं निकला. खबर सुन पड़ोसी सरोज कुमार मुखिया भी सीढ़ी से सभी को बचाने टंकी में उतरे, लेकिन उन्होंने भी दम तोड़ दिया.
घटना की सूचना पड़ोसियों ने पुलिस को दी. सूचना पर पहुंची जीतना थाने की पुलिस ने स्थानीय लोगों के सहयोग से सभी को बाहर निकाला और छौड़ादानों प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया. वहां चिकित्सकों के नही पर लोगों ने हंगामा किया. इस दौरान रोड़ेबाजी भी हुई जिसमें डीएसपी आलोक कुमार सहित कई घायल हो गये. पत्थर डीएसपी के सिर में लगी. काफी मशक्कत के बाद पुलिस की गाड़ी से शव को पोस्टमार्टम के लिए मोतिहारी भेजा गया.
चिकित्सक रहते तो बच जाती तीन की जान
बनकटवा : प्रत्यक्षदर्शियों कें अनुसार, स्वास्थ्य केंद्र में अगर चिकित्सक रहते तो तीन लोगों की जान बच जाती. शौचालय टंकी से 22 वर्षीय सरोज मुखिया,15 वर्षीय सचीन व 45 वर्षीय दिनेश महतो को बेहोशी की हालत में छौड़ादानो स्वास्थ्य केंद्र लाया गया. वहां न चिकित्सक मिले ,न कोई स्वास्थ्य कर्मी. लोगों को कहना था कि डा. ददन प्रसाद नामक एक डॉक्टर ने बिना देखे लोगों को मृत घोषित कर दिया, जबकि सांस चल रही थी. दिन के दो बजे तक घटना के बाद भी कोई चिकित्सक या कर्मी अस्पताल में नही दिखे.
इधर मामले मे सिकराहना एसडीओ ज्ञानप्रकाश ने बताया कि ड्यूटी से फरार चिकित्सक डा. मदन प्रसाद व अन्य कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव भेजा गया है. आवश्यकता हुई तो प्राथमिकी भी दर्ज की जायेगी.
मृतक के आश्रितों को मिला चार-चार लाख
घटना की सूचना के साथ अधिकारियों की टीम को बनकटवा के जीतपुर व छौड़ादानो भेजा गया. स्थिति के आकलन के बाद अधिकारियों ने तत्काल चार-चार लाख रुपये की सहायता मृतक के आश्रितों को दी. डीएम रमन कुमार ने बताया कि घटना दुखद है. छौड़ादानो स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की लापरवाही की बात सामने आयी है. इसको ले रक्सौल एसडीओ व सिविल सर्जन मोतिहारी को जांच कर 24 घंटे में प्रतिवेदन देने का आदेश दिया गया है. प्रतिवेदन मिलने के साथ दोषी खिलाफ कठोर कार्रवाई की जायेगी.
मरने वालों में पांच
एक ही परिवार के
टंकी का स्लेब उठाने के दौरान बेटा गिरा, बचाने गये पिता समेत परिवार के पांच की मौत, मदद को पहुंचे पड़ोसी की भी गयी जान
छौड़ादाने स्वास्थ्य केन्द्र में जमकर हंगमा, तोड़फोड़
रोड़ेबाजी में सिकराहना डीएसपी सहित कई घायल
पुलिस की गाड़ी से पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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