खतरे के निशान पर पहुंची लालबकेया नदी

नेपाल एवं पूर्वी चंपारण में भारी वर्षा के कारण दोनों नदियां उफान पर मोतिहारी-ढाका-शिवहर पथ में देवापुर से बेलवा तक चढ़ा बाढ़ का पानी सिकरहना : जलग्रहण क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश के कारण नेपाल से निकलने वाली लालबकेया नदी के जलस्तर में काफी वृद्धि दर्ज की गयी हैं. मंगलवार को वह खतरे के […]

नेपाल एवं पूर्वी चंपारण में भारी वर्षा के कारण दोनों नदियां उफान पर

मोतिहारी-ढाका-शिवहर पथ में देवापुर से बेलवा तक चढ़ा बाढ़ का पानी
सिकरहना : जलग्रहण क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश के कारण नेपाल से निकलने वाली लालबकेया नदी के जलस्तर में काफी वृद्धि दर्ज की गयी हैं. मंगलवार को वह खतरे के निशान को पार कर गई. एसडीओ ज्ञान प्रकाश ने मंगलवार को लाल बकेया नदी के दाएं तटबंध गुआबारी मार्जिनल बांध का निरीक्षण किया. एसडीओ ने बताया कि बांध की सुरक्षा को लेकर प्रत्येक एक किमी पर होमगार्ड जवानों की ड्यूटी लगायी गयी है.
गत वर्ष बाढ़ से टूटे तटबंध की मरम्मत करा ली गयी है. हाल के रेन कटिंग व अन्य वजहों से क्षतिग्रस्त बांध की मरम्मत करायी जा रही है. इसको लेकर विभाग के अभियंता व कर्मी बांध पर ही कैंप किये हुये हैं, जिन्हें आवश्यक निर्देश दिया गया है. बाढ़ को लेकर जरूरी तैयारियां कर ली गई है. बताते चलें कि गत वर्ष 1 3 अगस्त को आयी बाढ़ से उक्त तटबंध चार जगहों पर टूट गया था, जिसके कारण ढाका क्षेत्र में बाढ़ का पानी फैलने से भारी तबाही मची हुई थी. काफी जान माल का नुकसान हुआ था. पिछले वर्ष के बाढ़ को सोच कर लोग अभी से ही डर जा रहे हैं.

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