कृषि योजनाओं में अधिकारियों की लापरवाही का मामला
अपने को सेफ करने के लिए अधिकारी अपना रहे हथकंडा
उड़न दास्ता टीम की जांच में खुली योजनाओं के क्रियान्वयन की पोल
डीएओ ने प्रखंडों को भेजा स्मार पत्र, मानदेय कटौती का अल्टीमेटम
मोतिहारी : खरीफ महाअभियान 2018 के कृषि कार्य योजनाओं की गति काफी धीमी है. अधिकांश प्रखंड योजनाओं के क्रियान्वयन में पीछे चल रहे हैं. कई प्रखंडों में तो अबतक बीज व कीट तक के वितरण नहीं हो सका है. ऐसे में लक्ष्य को प्राप्त करना जिला कृषि महकमा के लिए चुनौती बन गयी है. बहरहाल धरातल पर योजनाओं की जांच के लिए निदेशालय स्तर से गठीत टीम की सूचना के बाद अधिकारियों की बेचैनी बढ़ गयी है.
डीएओ सहित तमाम पदाधिकारी पत्राचार कर कोरम पूरा करने में लगे है. लेकिन प्रश्न यह भी है कि जिन्हें योजनाओं का क्रियान्वयन करना है और जिन्हें तीन माह पहले कार्य-योजनाओं के तहत लक्ष्य को पूरा करने के टास्क दिये गये. अबतक योजनाओं का लक्ष्य पूरा नहीं हुआ तो क्या पांच दिन में वह कैसे पूरा हो जायेगा. इसको लेकर लगातार डीएओ द्वारा प्रखंड कृषि पदाधिकारी व कृषि कर्मियों पर दबाव बनाया जा रहा है. स्थितियां स्पष्ट है कि हर कोई अपना टिकरा दूसरे के सर फोरने में लगा है. डीएओ ने तो लक्ष्य पूरा नहीं होने पर पंचायत में तैनात कृषि कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए निदेशालय को रिपोर्ट करने एवं कीट वितरण नहीं होने से डीलर को होने वाले नुकसान की भरपायी सलाहकार व को-ऑडिनेटर के मानदेय से राशि की कटौती कर करने की हिदायत दी है.
डीएओ ने प्रखंडों को भेजा स्मार पत्र
प्रखंडों में बीज व कीट वितरण के लक्ष्य पूरा नहीं होने पर असंतोष जताते हुए डीएओ डॉ ओमकारनाथ सिंह ने प्रखंडों को स्मार पत्र देते हुए शीघ्र बीज व कीट का वितरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है साथ ही सूची कार्यालय को उपलब्ध कराने की बात कही है. कार्यालय आदेश में डीएओ ने स्पष्ट कहा है कि निदेशालय स्तर से गठित उड़न दास्त टीम की जांच में यह बात सामने आयी है कि धान बीज ग्राम एवं प्रत्यक्षण कीट लक्ष्य के अनुरूप उठाव नहीं हुआ है, जो खेद का विषय है.
किसान सलाहकार को वेतन कटौती का अल्टीमेटम : पंचायतवार बीज ग्राम व प्रत्यक्षण कीट का लक्ष्य पूरा नहीं होने पर डीएओ ने कृषि को-ऑर्डिनेटर व किसान सलाहकार को वेतन कटौती करने की हिदायत दी है. बीज वितरण नही होने से बीज आपूर्तिकर्त्ता को होने वाले नुकसान का हवाला देते हुए डीएओ ने कहा है कि कीट व बीज वितरण नहीं होने की स्थिति में डीलर को भारी नुकसान होता है. ऐसी स्थिति में किसान सलाहकार व को-ऑर्डिनेटर के मानदेय से समानुपातिक रूप से राशि की कटौती करते हुए कीट विक्रेता को भुगतान किया जायेगा.
