मोतिहारी : पूर्वी चंपारण जिले के 405 पंचायतों को अपना पंचायत भवन होगा. इसके लिए सरकारी स्तर पर कवायद शुरू हो गयी है. जिन 334 पंचायतों में पंचायत भवन नहीं है वहां पंचायत भवन निर्माण के लिए मुख्यालय के निर्देश के आलोक में जिला पंचायत कार्यालय ने सभी सीओ से भूमि संबंधी रिपोर्ट एक सप्ताह में मांगी है.
एक पंचायत भवन के लिए 50 डिसमिल जमीन की जरूरत है. अगर जमीन सरकारी उपलब्ध है जो उसे विभागीय प्रक्रिया के तहत सीओ, एलआरडीसी और अपर समाहर्ता अपने स्तर से विभागीय स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी करेंगे. क्योंकि, सरकारी जमीन का भी विभागीय स्थानांतरण जरूरी है. जहां सरकारी जमी
न नहीं है वहां अधिकारी दान में जमीन लेने का प्रयास करेंगे. एक पंचायत भवन के लिए करीब एक से सवा करोड़ रुपये खर्च का प्रावधान है.
यह प्रस्ताव सीओ द्वारा रिपोर्ट मिलने के बाद धरातल पर उतरेगा. पंचायत भवन बनाने का उद्देश्य है कि पंचायत के सभी कार्य पंचायत सेवक, राजस्व कर्मचारी, जनसेवक, किसान सलाहकार, मुखिया व सरपंच आदि बैठक कर स्थानीय स्तर पर निबटाएंगे. लोगों को प्रखंड जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
चार पंचायतों में नहीं बना भवन
बखरी सहित जिले के चार पंचायतों में भवन के लिए राशि आवंटन के बावजूद पंचायत भवन का निर्माण कार्य शुरू भी नहीं हो सका है. इसकी जिम्मेवारी एलइओ वन और टू को दी गयी थी. लेकिन सकारात्मक प्रयास नहीं होने के कारण कार्य लंबित है. कुछ जगह भूमि की समस्या है तो कुछ जगह तकनीकी समस्या है.
मामले की बिंदुवार जांच हो तो लापरवाही किसकी है स्पष्ट हो जायेगी. करीब 30 पंचायत भवन ऐसे है जिसका भवन तो बन गया है लेकिन अन्य सुविधा की कमी के कारण स्थानांतरण प्रक्रिया लंबित है.
दो पंचायतों के लिए आयी राशि
जिले के तुरकौलिया प्रखंड के चरगाहां और चकिया प्रखंड के महुआवा अंतर्गत बालूकोठी पंचायत में पंचायत भवन निर्माण के लिए राशि आवंटित हो गयी है. टेंडर के साथ निर्माण की प्रक्रिया एलइओ को सौंपी जायेगी. इस प्रकार जिले में 73 पंचायतों के लिए भवन निर्माण प्रक्रिया में है.
