मोतिहारी : जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष पुत्र छोटू जायसवाल हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस को अभी सही लकीर नहीं मिल पायी है. घटना का पांचवां दिन है. तीन और लोगों को हिरासत में ले पूछताछ की जा रही है. पूर्व से 12 लोग हिरासत में है.
घटना के बाद तो तस्वीर सामने आ रही है उसमें भूमि विवाद, राजनेता वर्चस्व की लड़ाई व दबी जुबान से प्रेम-प्रसंग की भी चर्चा हो रही है. वैसे प्रेम प्रसंग की चर्चा से जानकार व करीबी इंकार करते हैं. इधर घटना को लेकर एसपी उपेंद्र शर्मा ने मुफस्सिल थाना परिसर में छापेमारी के लिए गठित टीम से घटना के बिंदुओं पर पूछताछ की और कामों को कलमबद्ध किया. टीम के अधिकारी अपने योजना में लग गये. यहां बता दें कि छोटू जायसवाल की हत्या 25 नवंबर को ज्ञान बाबू चौक स्थित चाय दुकान पर गोली मार कर दी गयी थी.
घटना के बाद से अब तक मोतिहारी के अलावा, बेतिया, मुजफ्फरपुर आदि स्थानों पर भी पुलिस ने अपराधियों की खोज में छापेमारी किया है. सीसीटीवी फुटेज को भी लगातार खंगाला जा रहा है. लेकिन अब तक पुलिस कोई ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच पायी है.
कहीं भूमि विवाद में नहीं हुई हत्या?
राजनेता वर्चस्व के लड़ाई के साथ पुलिस भूमि विवाद से भी जोड़कर घटना को देख रही है. पुलिस को आशंका है कि भूमि विवाद में लेन-देन या अपने करीबी लोगों के बीच लेन-देन मामले को ले कोई विवाद तो नहीं हुआ था. सूत्रों के अनुसार नगर में तीन जगह और रक्सौल के एक भूमि मामले की पुलिस जांच में है. कहते है कि रक्सौल की भूमि को ले उत्पन्न विवाद के निबटारे में करीबी लोगों के बीच मोटी डील हुई थी, जिसको ले कहीं घटना को अंजाम तो नहीं दिया गया. जिस पर भी पुलिस जांच कर रही है. वैसे किसी ठोस बिंदु पर कुछ कहना जल्दबाजी होगा. पुलिस सूत्रों का कहना है कि अनुसंधान से मामले उजागर होंगे और दूध का दूध और पानी का पानी होगा.
