आंदोलन का फूंका बिगुल. 21 तक वार्ता नहीं हुई, तो होगा चक्काजाम
लघु खनिज कानून को आंदोलनकारियों ने बताया काला कानून
मोतिहारी : बालू-गिट्टी व्यवसायी संघ का अनिश्चितकालीन धरने का बिहार मोटर फेडरेशन का सहयोग मिल गया है. इस दौरान मालवाहक गाड़ियों का पूरी तरह से परिचालन ठप कर दिया गया. व्यवसायियों के लिए सरकार द्वारा बनाये गये नये नियम लघु खनिज 2017 के काला कानून के विरोध में किया गया है. सरकार 21 नवंबर तक इस मुद्दे को गंभीरता से लेकर वार्ता नहीं करती है, तो ट्रक एसोसिएशन के साथ बालू व्यवसायी चक्का जाम करने के लिए विवश हो जायेंगे.
बालू बंद होने से जिले के हजारों ट्रक मालिक बेरोजगार हो गये हैं साथ ही इनसे जुड़े लोग जैसे पंप, स्पेयर पार्ट की दुकान, टायर दुकानदार, मिस्त्री, हवा चेक मिस्त्री सहित तमाम इनसे जुड़े लोग बेरोजगार हो गये हैं. कुछ ऐसे बालू व्यवसायी है जो सेल टैक्स व जीएसटी धारी है. उनको भी नये नियम के तहत लाइसेंस लेने के लिए बाध्य किया जा रहा है. जिससे उनके अंदर असंतोष व्याप्त है.
मजदूरों को नहीं मिल रहा रोजगार
बालू बंद होने से मजदूरों को काफी परेशानी झेलना पड़ रहा है. शहर में कई प्रखंडों जैसे तुरकौलिया, चंद्रहिया, लखौरा, जीवधारा,पीपराकोठी, सुरहा सहित अन्य जगहों से रोजगार के लिए मजदूर आते हैं. लेकिन बालू बंद होने से उन्हें बैरंग काम के अभाव में वापस लौटना पड़ रहा है. मजदूर रामसेवक प्रसाद ने बताया कि पहले मजदूरों की संख्या काम के अनुपात में घट जाती थी. लेकिन बालू के अभाव में निर्माण कार्य ठप होने से हमलोग वापस लौटते है. यही कथन दुलारचन प्रसाद, परेश साह आदि के है.
वही बिहार फेडरेशन के अध्यक्ष कुमोद कुमार सिंह की तबीयत खराब होने पर धरना की अध्यक्षता कर रहे प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि सरकार अगर बात नहीं मानती है. तो प्रत्येक स्तर पर चक्का जाम होगा. वही ट्रक ऑनरों में अरुण कुमार सिंह, राकेश सिंह, विपिन सिंह, बिट्टू सिंह, मनोज सिंह, रंजीत सिंह, सहित अन्य मौजूद थे. वही बालू व्यवसायी संघ में सचिव जय प्रकाश, कोषाध्यक्ष दीपक गुप्ता, दयाल सरण, अजय प्रसाद, अजय शेखर, अरुण कुमार सिंह आदि मौजूद थे.
