मोतिहारी : ऐतिहासिक स्थलों के विकास की कड़ी में चंपारण सत्याग्रह वर्ष के दौरान सिकरहना अनुमंडल के चिरैया प्रखंड अंतर्गत मधुबनी आश्रम और ढाका प्रखंड के बड़हरवा लखनसेन के विकास के लिए ढाई करोड़ की योजना तैयार की गयी है.
बड़हरवा लखनसेन में सत्याग्रह के दौरान गांधी जी द्वारा प्रथम बुनियादी विद्यालय स्थापित कर शिक्षा के साथ देश की आजादी के लिए अलख जगाया था. जहां ग्रामीणों के साथ बैठक करते थे, वह पेड़ आज भी उसका गवाह है. वही चिरैया प्रखंड के मधुबनी आश्रम रेशम के कपड़े, रेशम उत्पादन, चोकला कपड़ा का निर्माण, बांस उत्पादन के साथ मधुमक्खीपालन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में था, जो अभी फटेहाली का दिन गिन रहा है.
सरकार के सत्याग्रह के दौरान विकासोन्मुखी कार्य को ले लोगों में प्रसन्नता है कि मधुबनी आश्रम की ऐतिहासिकता फिर जीवंत होगी. करीब 400-500 लोग पिछले दो दशक पूर्व तक हस्तकरघा व सूत काट कर जीविका चलाते थे, जो अब फटेहाली के दौर में है, लेकिन विकास के इस कार्य से लोगों को उम्मीद है कि फिर से बेकार हाथ को रोजगार मिलेगा. यहां बता दे कि ऐतिहासिक बड़हरवा लखनसेन स्कूल के पास एक एकड़ 90 डिसमिल जमीन है, जबकि मधुबनी आश्रम के पास तीन एकड़ 68 डिसमिल है.
आयुक्त व डीएम ने किया है निरीक्षण
मधुबनी आश्रम व बड़हरवा लखनसेन के विकास पर संभावित योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए आयुक्त श्रीनिवासन व डीएम अनुपम कुमार ने चार नवंबर को भ्रमण कर स्थानीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया. इधर 13 नवंबर को यादगार बनाने के लिए बड़हरवा लखनसेन में स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी संगठन द्वारा कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किये गये है, जिसकी तैयारी अंतिम चरण में है.
