मोतिहारी . अपहरणकर्ताओं की चंगुल से सकुशल मुक्त हुए दवा व्यवसायी बसंतलाल प्रसाद ने 24 घंटे काफी कष्ट में गुजारा. बदमाशों ने उसने न तो खाना दिया, नहीं पीने के लिए पानी. पुलिस के साथ एसपी कार्यालय पहुंचे व्यवसायी ने बताया कि उसको पेशाब लगी तो अपराधियों ने उसे दो-चार थप्पर मारा. कहा कि गाड़ी नहीं रूकेगी. पेशाब करना है तो पैंट में ही करो. उसने अपराधियों के डर से पैंट में ही पेशाब किया. यही कारण है कि अपराधी उसे पीने के लिए पानी नहीं दिये. उसने बताया कि दवा की दुकान बंद कर बाइक से वापस घर लौट रहा था.
इस दौरान बीच रास्ते में बाइक रूकवा स्कारपियो सवार अपराधियों ने उसे अगवा कर लिया. गमछा से उसका मुंह बांधा, उसके बाद हाथ-पैर बांध स्कारपियो के बीच सीट पर बैठा उसके उपर दो अपराधी बैठ गये. मोबाइल छीन पत्नी के नंबर पर फोन लगा कहा कि बसंत का एक्सीडेंट हो गया है, उसे पटना लेकर हमलोग जा रहे है.
कुछ घंटे बाद दुबारा फोन कर कहा कि जितेंद्र व सुभाष से 30 लाख में बसंत की हत्या का सौंदा हुआ है. उसकी जान की सलामती चाहते हो तो 30 लाख रूपये दो, वरना हमलोगा उसकी हत्या कर देंगे. जितेंद्र व सुभाष बसंत के रिश्तेदारी के भाई है. अपराधी दोनों का नाम लेकर परिजनों को बरगलाने का प्रयास कर रहे थे.
