मोतिहारी : कल्याणपुर के हीराछपरा गांव में एक बड़ी आपराधिक घटना की प्लानिंग के लिए कुख्यात कुणाल सिंह व उसके शागिर्दों का जमावड़ा होने वाला था. इसको लेकर कुणाल ने हीराछपरा के धर्मेंद्र सिंह को फोन कर चार-पांच लोगों का खाना बनवाने को कहा था. उसे इस बात की तनिक भी भनक नहीं थी कि धर्मेंद्र को पुलिस ने शनिवार की रात में ही उठा लिया है.
बड़ी घटना की प्लानिंग में था कुणाल सिंह का शागिर्द
मोतिहारी : कल्याणपुर के हीराछपरा गांव में एक बड़ी आपराधिक घटना की प्लानिंग के लिए कुख्यात कुणाल सिंह व उसके शागिर्दों का जमावड़ा होने वाला था. इसको लेकर कुणाल ने हीराछपरा के धर्मेंद्र सिंह को फोन कर चार-पांच लोगों का खाना बनवाने को कहा था. उसे इस बात की तनिक भी भनक नहीं थी कि […]

इस तरह कुणाल के हीराछपरा में आने की पक्की सूचना पुलिस को मिली और पुलिस कुणाल के पहुंचने से पहले हीराछपरा में जाकर धर्मेंद्र सिंह के घर के छत पर पोजीशन लेकर बैठ गयी. कुणाल व उसके शागिर्द धर्मेंद्र के आवास पर बाइक रोकी, तब तक पुलिस उन्हें ललकारते हुए सरेंडर करने को कहा. बस क्या था, कुणाल व उसके शागिर्दों ने पुलिस पर एके-47 से गोलियां दागते हुए अंधेरा का लाभ उठा नदी की तरफ भागे और गायब हो गये. उनके पास दो एके-47 था.
एक से कुणाल सिंह फायरिंग कर रहा था, जबकि दूसरा एके-47 चकिया रामपुर गोपाल का राम सिंह चला रहा था. वहीं हिमांशु व शशि सिंह पुलिस पर पिस्टल से फायरिंग कर रहे थे. कुणाल के पास दो एके-47 होने का खुलासा मुठभेड़ में घायल व गिरफ्तार हिमांशु ने पुलिस के समक्ष किया है. बताया कि रविवार की हीराछपरा जाने के दौरान एक बाइक शशि सिंह चला रहा था, जिस पर कुणाल एके-47 लेकर बैठा था. वही दूसरी बाइक पर एके-47 लेकर रामा सिंह बैठा था, जिसे हिमांशु चल रहा था. दोनों बाइक धर्मेंद्र के आवास के पास रुकी ही थी कि, उसके छत से गोलियां चलने लगी. जवाब में फायरिंग करते हुए कुणाल सहित तीन बदमाश भाग निकले.
दूसरे दिन भी रहा सन्नाटा
हीराछपरा में मंगलवार को दूसरे दिन भी सन्नाटा पसरा रहा. रविवार की रात गोलियों की तड़तड़ाहट को यहां के लोग नहीं भूल पा रहे. ग्रामीण इस बात को लेकर परेशान हैं कि, अब पुलिस रिकॉर्ड में इस गांव का रेपुटेशन खराब हो गया. यहां के ग्रामीण मेहनत मजदूरी कर शांतिप्रिय जीवन जीने में विश्वास रखते हैं, लेकिन एक शख्स के कारण गांव पर अपराधियों के शरणस्थली का ठप्पा लग गया. इसका अफसोस व शर्मिंदगी सभी को है.
सुरेश अपहरण में आया था गोलू का नाम
हीराछपरा मुठभेड़ में मुजफ्फरपुर बरूराज के जिस गोलू दूबे पर प्राथमिकी दर्ज हुई है, दरअसल वह साहेबगंज राजेपुर का रहने वाला है. वह बेतिया न्यायालय परिसर में मारे गये कुख्यात बबलू दूबे गिरोह का फिलहाल संचालन कर रहा है. उसका नाम रक्सौल के रेलवे गार्ड अपहरण व नेपाल के उद्योगपति सुरेश केडिया के अपहरण में आया था.
वहीं साहेबगंज नवादा के राकेश सिंह को गोली मारने तथा बंधन बैंक के कर्मचारी की गोली मार हत्या करने का भी मामला उसपर दर्ज है. पुलिस का कहना है कि गोलू दूबे अपने प्रतिद्वंदी कुणाल सिंह की हत्या करने हीराछपरा आया था,जहां दोनों गुट आमने-सामने आ गये. इस दौरान पुलिस पहुंची तो दोनों गुट अपने को घिरता देख पुलिस पर फायरिंग करते हुए भाग निकले.
पुलिस अभिरक्षा में हिमांशु का चल रहा है इलाज
मुठभेड़ में घायल शातिर हिमांशु का एसकेएमसीएम में पुलिस अभिरक्षा में इलाज चल रहा है. उसके पैर में गोली लगी है. अधिक रक्तश्राव के कारण मोतिहारी के चिकित्सकों ने उसे रेफर किया था. वही पिस्टल व कारतूस के साथ गिरफ्तार धर्मेंद्र सिंह को आवश्यक पूछताछ के बाद मंगलवार को पुलिस ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.