कल्याणपुर : थाना क्षेत्र के हीराछपरा गांव में रविवार की रात अपराधियों से मुठभेड़ के बाद पुलिस के सुर बदल गये है. कुख्यात कुणाल व उसके शागिर्दों को पकड़ने में असफल पुलिस ने एफआइआर में पूरी कहानी को ही बदल डाला. एफआइआर कल्याणपुर थानाध्यक्ष संजय स्वरूप के बयान पर दर्ज हुआ है.
उसमें थानाध्यक्ष ने कहा है कि हीराछपरा गांव निवासी धर्मेंद्र सिंह के घर कुख्यात कुणाल सिंह के आने-जाने की सूचना मिल रही थी. रविवार की शाम करीब छह बजे सूचना मिली कि उसी गांव में बेतिया न्यायालय परिसर में मारे गये कुख्यात बबलू दूबे गिरोह के बदमाश भी कुणाल की हत्या के लिए इकठ्ठे है, क्योंकि कुणाल ने ही बेतिया में बबलू की गोली मार हत्या की थी. इसको लेकर बबलू गिरोह के गोलू दूबे अपने सहयोगियों के साथ कुणाल को मारने हीराछपरा गांव में आया हुआ है.
इसकी सूचना वरीय अधिकारियों को दी गयी. कल्याणपुर, केसरिया व पीपरा थाना पुलिस की संयुक्त टीम बनायी गयी. उसके बाद पुलिस हीराछपरा गांव में पहुंच धर्मेंद सिंह के गवास की घेराबंदी की तो अपराधियों ने खूद को घिरता देखकर पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी. उसके बाद सामने नदी की तरफ अंधेरा का लाभ उठा सभी अपराधी भाग निकले. एक अपराधी घायल अवस्था में नदी किनारे गड्डे में गिरा हुआ कराह रहा था. उसके हाथ में पिस्टल था. पुलिस ने उसे आत्मसमर्पण करने को कहा. उसने दोनों हाथ उठाकर पुलिस के समक्ष सरेंडर कर दिया. गिरफ्तार धर्मेंद्र के पास से भी एक पिस्टल व कारतूस बरामद हुआ है.
