गोरखपुर, पटना के बाद मोतिहारी में चिकनगुनिया का खतरा

मोतिहारी : गोरखपुर व पटना में फैली वायरल बीमारियों से मोतिहारी शहर भी सुरक्षित नहीं है. यहां भी स्वाईन फ्लू एवं चिकेन गुनिया जैसी खतरनाक बीमारियां फैल सकती है. उत्तर बिहार के सीमाई चार जिला का केंद्र मोतिहारी का उक्त दोनों जगहों से सीधा संपर्क है. सूबे के मुख्यालय पटना एवं गोरखपुर से रोजाना हजारों […]

मोतिहारी : गोरखपुर व पटना में फैली वायरल बीमारियों से मोतिहारी शहर भी सुरक्षित नहीं है. यहां भी स्वाईन फ्लू एवं चिकेन गुनिया जैसी खतरनाक बीमारियां फैल सकती है. उत्तर बिहार के सीमाई चार जिला का केंद्र मोतिहारी का उक्त दोनों जगहों से सीधा संपर्क है.
सूबे के मुख्यालय पटना एवं गोरखपुर से रोजाना हजारों लोगों का मोतिहारी आना-जाना है. नेपाल सहित शिवहर, सीतामढ़ी जिला के लाखों की आबादी गोरखपुर के लिए मोतिहारी का रुख करती है.
इसके अलावा पूर्वी एवं पश्चिमी चंपारण के लोग पटना जाने के लिए मोतिहारी हो कर गुजरते हैं. इन सभी जगहों से हजारों की तादाद में रोजाना लोग मोतिहारी से गोरखपुर एवं पटना के लिए ट्रेन एवं बस से यात्रा करते हैं. ऐसे में गोरखपुर में चिकेन गुनिया एवं पटना में फैली स्वाईन फ्लू संक्रमण को लेकर मोतिहारी में भी संशय की स्थिति बनी हुयी है. जबकि मोतिहारी जिला में पहले से ही डेंगू का वायरल फैला हुआ है.
बावजूद इसके स्वास्थ्य महकमा की नींद नहीं खुल रही. अलर्ट के बाद भी तैयारी को लेकर महज कागजी घोड़े दौड़ाये जा रहे हैं. जबकि हाल में आये बाढ़ को लेकर भी यहां संक्रमण जैसी बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है. नगर परिषद, स्वास्थ्य महकमा सहित तमाम प्रशासनिक तंत्र कछुए की चाल चल रही है. जिम्मेवारी पूर्वक कार्य की बजाय सभी विभाग एक-दूसरे के सर ठीकरा फोड़ने में लगे हैं. तैयारी का आलम यह है कि संक्रमण फैल गयी तो फिर भगवान ही मालिक है.
मलेरिया विभाग ने कहा, शहर मेरे जिम्मे नहीं
नगर परिषद क्षेत्र में आयी बाढ़ के बाद संक्रमण जैसी बीमारियों से बचाव को लेकर नप प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग एवं मलेरिया विभाग को पत्र लिख वार्डवार डीडीटी छिड़काव करने का आग्रह किया है.
बताया जाता है कि इओ के पत्र के आलोक में मलेरिया विभाग ने नप प्रशासन को अपना पत्र लिखा है.जिसमें शहरी क्षेत्र में छिड़काव से पल्ला झाड़ते हुए मलेरिया पदाधिकारी ने स्पष्ट कहा है कि शहरी क्षेत्र की जिम्मेवारी मेरी नहीं है. नगरपालिका क्षेत्र में छिड़काव का कार्य स्वयं नप प्रशासन अपने स्तर से कराये.
नप का दावा ब्लीचिंग व चूने का हुआ छिड़काव
बाढ़ की पानी उतरने के बाद शहर में चुन्ना एवं ब्लीचिंग छिड़काव किये जाने का नप प्रशासन दावा कर रही है. लेकिन सच यह भी है कि कई मुहल्ले ऐसे भी है जहां अबतक ब्लीचिंग की गंध तक नहीं पहुंच पायी है. मुख्य पथ किनारे एवं मुहल्लों के मेन पथ में ब्लीचिंग का छिड़काव कर महज खानापूर्ति हुई है.
नहीं शुरू हुई फॉगिंग
बाढ़ के बाद मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है. लेकिन अबतक फॉगिंग छिड़काव शुरू नहीं हुयी है. जबकि हाल के अनुश्रवण की बैठक में अविलंब छिड़काव की मांग करते हुए पार्षदों ने वार्डवार फौगिंग कार्य शुरू कराने का मामला उठाया. फिर आखिर किस आर्देश के इंतजार में फौगिंग छिड़काव नही करायी जा रही है.
गटर-नाला में नहीं डाली गयी दवा
संक्रमण को लेकर शहर के गटर एवं नाली में मेडिकल पाउडर डालने के लिए पटना से बाइलाक नामक दवा मंगायी गयी है. करीब 30 हजार की लागत से दवा सहित छिड़काव करने वाले मशीन भी मंगाये गये है. लेकिन दो सप्ताह पूर्व आयी दवा का अब भी छिड़काव शुरू नहीं हुआ है.
ब्लीचिंग एवं चूना का छिड़काव चल रहा है. दवा की खरीदारी की गयी है, अगले दो दिनों में फॉगिंग एवं गटर-नाली में भी दवा का छिड़काव शुरू की जायेगी. अन्य नप में मलेरिया विभाग भी छिड़काव कराती है.
इओ हरिवीर गौतम, नप
शहरी क्षेत्र में छिड़काव की जिम्मेवारी हमारी नहीं है. पत्र के आलोक में नप को जवाब भेज दी गयी है.
केसी कुमार, जिला डिजीज वेक्टर पदाधिकारी

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >