पीएचसी में 80 लाख रुपये की अनियमितता!

ऑडिट के लिए प्रभारी ने डीएम को लिखा पत्र मधुबन : पीएचसी में संचालित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन समेत विभिन्न योजनाओं का ऑडिट कराने के लिये पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने जिला स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष सह डीएम पूर्वी चंपारण को पत्र लिखा है. जिसमें वर्तमान प्रभारी ने पूर्व में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन समेत कई […]

ऑडिट के लिए प्रभारी ने डीएम को लिखा पत्र

मधुबन : पीएचसी में संचालित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन समेत विभिन्न योजनाओं का ऑडिट कराने के लिये पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने जिला स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष सह डीएम पूर्वी चंपारण को पत्र लिखा है. जिसमें वर्तमान प्रभारी ने पूर्व में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन समेत कई योजनाओं में वित्तीय अनियमितता की आशंका व्यक्त किया है. सूत्रों की माने तो विगत कुछ वर्षों में यह आंकड़ा एक करोड़ रुपये तक की होने की आशंका है.
जानकारी के अनुसार 19 जुलाई को पीएचसी का प्रभारी डाॅक्टर सत्यप्रकाश सिंह को सिविल सर्जन ने बनाया. जिसके बाद 21 अगस्त को रोगी कल्याण समिति व 22 अगस्त को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन का प्रभारी प्रभार मिला. इस दौरान उन्हें कागजात उपलब्ध नहीं कराया गया है.
चार वर्ष से मधुबन पीएचसी के स्थापना का पदभार संभालने वाले सुनील कुमार वर्मा सदर अस्पताल में प्रतिनियोजन पर जमे हुए हैं. जिन्हें मधुबन रास नहीं आ रहा है. जिससे यहां कार्य करने वाले कर्मियों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है. आलम है. श्री वर्मा को मधुबन पीएचसी भेजने के लिये सीएस प्रशांत कुमार ने पत्र निकाला. जिसके 17 दिनों बाद दूसरी चिठ्ठी निकाल कर मोतिहारी में रहने का आदेश जारी कर दिया था.
उधर, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डाॅक्टर सत्यप्रकाश सिंह ने पूछने पर बताया कि प्रभार मिलने के बाद कई समस्या सामने आ रही है. जिसको लेकर सभी वरीय अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है. वित्तीय प्रभार में पूर्व कोई भी कागजात उपलब्ध नहीं कराया गया है. सुनील कुमार वर्मा को जिला से विरमित नहीं किये जाने से भी काफी परेशानियों हो रही है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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