मधुबन : बुढी गंडक नदी में नरहरपकड़ी पुल के दक्षिणी पहुंच पथ में तेज कटाव के बाद बड़ी व भारी वाहनों के परिचालन बंद ही रहेगा. शुक्रवार सुबह पकड़ीदयाल एसडीओ शैलेश कुमार पहुंच कर हालात का जायजा लिया. एनएच द्वारा मरम्मति अभियान के बाद शुक्रवार सुबह से चार पहिये छोटे वाहनों का परिचालन शुरू कर […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
मधुबन : बुढी गंडक नदी में नरहरपकड़ी पुल के दक्षिणी पहुंच पथ में तेज कटाव के बाद बड़ी व भारी वाहनों के परिचालन बंद ही रहेगा. शुक्रवार सुबह पकड़ीदयाल एसडीओ शैलेश कुमार पहुंच कर हालात का जायजा लिया. एनएच द्वारा मरम्मति अभियान के बाद शुक्रवार सुबह से चार पहिये छोटे वाहनों का परिचालन शुरू कर दिया गया है,
जहां पर नदी में पानी घटने के साथ गुरूवार सुबह से कटाव काफी तेज हो गया है. प्रभात खबर ने शुक्रवार को बूढी गंडक का नरहरपकड़ी पुल का दक्षिणी पहुंच पथ क्षतिग्रस्त, बड़े वाहनों के परिचालन पर रोक शीर्षक से खबर छपने के बाद एसडीओ शैलेश कुमार हल्की बारिश के बीच शुक्रवार के सुबह नरहरपकड़ी पहुंच कर हालात का जायजा लिया. एसडीओ श्री कुमार ने बताया कि अगले आदेश तक बड़े व भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगी रहेगी. जबतक हालात पर काबू नहीं पा लिया जाता है. बचाव मरम्मति कार्य तेजी से चल रहा है. पुल से छोटे वाहनों का परिचालन हो सकेगा.
प्रभात खबर में खबर छपने के बाद प्रशासन हुआ मुस्तैद
एसडीओ ने हालात का लिया जायजा
इलाके की लाइफ लाइन है नरहरपकड़ी पुल
1980 दशक में बनी नरहरपकड़ी पुल जिले के सिकरहना, पकड़ीदयाल अनुमंडल की लाइफ लाइन मानी जाती थी. इस पुल के रास्ते इलाके के लोग देश दुनिया से जुड़े थे. तब मधुबनी व बाराघाट पर पुल नहीं हुआ करती थी. हाल के वर्षों में मधुबनीघाट व बाराघाट के पास बूढी गंडक पर पुल बनने के बाद स्थिति समान्य हो पायी है. वर्ष 2007 में पुल का पहुंच पथ पूर्णतः टूट गया था. जिससे मधुबन व शिवहर के लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी थी.