बाढ़ से शहर की 20 हजार आबादी प्रभावित,15 वार्ड में घुसा पानी

मोतिहारी : जिले में बाढ़ का कहर जारी है. ग्रामीण ईलाकों के साथ शहरी क्षेत्र भी बाढ़ की चपेट में है. मोतिहारी शहर का दर्जनों वार्ड बाढ़ से प्रभावित है. शुक्रवार को दूसरे दिन भी नगरपरिषद क्षेत्र में पानी का दबाव बना रहा. नीचले इलाकों सहित कई दूसरे वार्ड भी बाढ़ के चपेट में आ […]

मोतिहारी : जिले में बाढ़ का कहर जारी है. ग्रामीण ईलाकों के साथ शहरी क्षेत्र भी बाढ़ की चपेट में है. मोतिहारी शहर का दर्जनों वार्ड बाढ़ से प्रभावित है. शुक्रवार को दूसरे दिन भी नगरपरिषद क्षेत्र में पानी का दबाव बना रहा. नीचले इलाकों सहित कई दूसरे वार्ड भी बाढ़ के चपेट में आ गये. अनुमान से ज्यादा रात्री के दौरान जल स्तर में हुयी वृद्धि के कारण कई परिवार अपने ही घर में बंधन बन गये.

घर-घर पानी धुसने एवं खतरा की आशंका से कई परिवार को घर छोड़ना पड़ा. वही नीचले ईलाकों के मुहल्लेवासियों को घर छोड़ आश्रय स्थल की रूख करनी पड़ी. धीरे-धीरे पानी का दबाव बढ़ता गया और देखते ही देखते शहर के 15 वार्ड बाढ़ के चपेट में आ गयी. दोपहर तक शहर में बाढ़ के जल-स्तर में इजाफा होने की बात सामने आयी. कई दूसरे वार्ड भी बाढ़ से प्रभावित हुआ. अगरवा,रधुनाथपुर,चांदमारी,एवं बेलबनवा आदि मुल्हल्लों में दूसरे दिन बाढ़ का पानी फैली. इधर शहरी क्षेत्र में बाढ़ से वार्ड एक,दो,चार के अलावें 11, 12,16, 17, 13, 18, 25, 26, 27 व 34 सहित वार्ड 15 एवं 24 के आंशिक क्षेत्र प्रभावित हुयी है.

नगर परिषद क्षेत्र में आये बाढ़ से शहरी क्षेत्र की करीब 20 हजार की आबादी प्रभावित हुयी है. नीचले ईलाकों में लोगों का घर से निकला बंद है. इनमें सबसे अधिक बुराहाल गांधी नगर रमना,मठीया जिरात,चांदमारी एकौना एवं अगरवा मुहल्ला के नीचले ईलाकों की है. जहां अधिक पानी के कारण पिछले 36 घंटे से कई परिवार अपने ही घरों में कैद है.
नाव नहीं उपलब्ध होने से बढ़ी परेशानी : शहरी क्षेत्र में बचाव कार्य में प्रशासन पुरी तरह फेल रहा है. नप क्षेत्र में राहत कार्य के लिए एक भी नाव उपलब्ध नहीं है. जिस कारण घर में फंसें लोगों को प्रशासनिक स्तर पर निकलने के लिए कोई सुविधा नहीं मिल पायी. शहर के नकछेद टोला,गांधी नगर रमना के नीचले ईलाकों में घरों मे फंसे लोग निकलने के लिए बचैन रहे. जबकि उन्हें कोई सहायता नहीं मिल पायी. बाढ़ पीड़ित गांधी नगर रमना निवासी जितेन्द्र कुमार ने पटना में अपने परिजन को फोन कर सहयोग मांगा.
पांच हजार बांटी गयी राहत पैकेट : शहरी क्षेत्र में बाढ़ पीड़ितों के लिए ग्यारह आश्रय स्थल बनायी गयी है. राहत पैकेट उपलब्ध कराने के लिए शहर को दो जोन में बांटा गया है. वही दो अलग-अलग जगहों रेडक्रांस परिसर एवं होटल वेलहोम समीप राहत प्वाइंट बनाया गया है. जहां बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत पैकेट तैयार की जा रही है. वही पैकेट को नप के वाहन पर लोड कर संबंधित वार्ड में आश्रय स्थल तक पहुंचा जा रहा है. जानकारी देते हुए ईओ हरिवीर गौतम ने बताया कि शुक्रवार को पांच हजार पुरी-सब्जी का राहत पैकेट संबंधित बाढ़ प्रभावित वार्ड में वितरण किया गया.

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