खुलासा . जम्मू कश्मीर पीएनबी के 99 लाख के चेक क्लियरेंस का मामला
मोतिहारी : 98 लाख 85 हजार के जाली चेक के पीछे एक बड़े जालसाज गिरोह का हाथ है. इस जालसाजी ने अबतक तीन लोगों की गिरफ्तारी हुई है. जिला पुलिस व पटना एटीएस ने गिरफ्तार तीनों जालसाजों से गहन पूछताछ के साथ तमाम बिंदुओं पर जांच-पड़ताल की, लेकिन उनका किसी संदिग्ध संगठनों से कनेक्शन उजागर नहीं हुआ.
मामले की गहन पड़ताल के बाद सोमवार को एसपी उपेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि जालसाज गिरोह का सरगना दिल्ली का मो. हारून उर्फ डॉक्टर है.वह दिल्ली के वेल्कम नाला के पूरब का रहनेवाला है. उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की एक टीम दिल्ली जायेगी. उन्होंने कहा कि सीतामढी के रून्नीसैदपुर मेहसा फरकपुर निवासी मो अखलाक की गिरफ्तारी के बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ है. अखलाक ने ही दिल्ली के मो हारून उर्फ डॉक्टर के नाम का खुलासा करते हुए बताया कि जाली चेक क्लियरेंस कराने के लिए उसी ने दिया था.
इसमें अखलाक के साथ तुरकौलिया मठवा के मोतीलाल चौधरी व चिरैया माधोपुर के मो आशिफ एकबाल की अबतक गिरफ्तारी हुई है. एसपी ने पूरे घटना को विस्तार से बताते हुए कहा कि मो हारून ने जम्मू कश्मीर बारामुला पंजाब नेशनल बैंक के एक ग्राहक का एकाउंट नंबर पता किया, उसके बाद उस एकाउंट नंबर का चेक स्केन कर निकला. बैंक का जाली मुहर व एकाउंटर होल्डर एमोजोन कंपनी के अधिकारी का फर्जी हस्ताक्षर कर उसने चेक अखलाक को क्लियरेंस के लिए दिया. अकलाख के माध्यम से चेक मो. आशिफ एकबाल के हाथों मोतीलाल चौधरी तक पहुंचा. मोतीलाल ने चेक पर अपना नाम व हस्ताक्षर कर ग्रामीण बैंक मेन ब्रांच में चेक जमा किया. ग्रामीण बैंक ने क्लियरेंश के लिए चेक को पीएनबी में भेजा, जहां जांच-पड़ताल में चेक जाली निकला. एसपी ने कहा कि गिरफ्तार तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. जरूरत पड़ी तो रिमांड पर लेकर फिर से पूछताछ की जायेगी. छापेमारी टीम का नेतृत्व सदर डीएसपी पंकज कुमार रावत कर रहे थे. उनके साथ नगर इंस्पेक्टर आनंद कुमार, छतौनी इंस्पेक्टर विजय कुमार, दारोगा संतोष कुमार, नागेंद्र सहनी, शैलेंद्र कुमार सहित अन्य शामिल थे.
