पंजाब से अगवा बच्चा शिकारगंज से मुक्त

चिरैया : पंजाब के मोहाली से फिरौती के लिए अपहरण कर लाये तीन वर्षीय बालक को शिकारगंज पुलिस ने नाटकीय ढंग से मुक्त करा लिया है. अपहृत को शनिवार की रात रूपहरी गांव से बरामद किया गया. पुलिस ने फिरौती मांगने में प्रयुक्त सिम व मोबाइल सहित तीन अपहर्ताओं को रंगेहाथों पकड़ लिया है. पकड़े […]

चिरैया : पंजाब के मोहाली से फिरौती के लिए अपहरण कर लाये तीन वर्षीय बालक को शिकारगंज पुलिस ने नाटकीय ढंग से मुक्त करा लिया है. अपहृत को शनिवार की रात रूपहरी गांव से बरामद किया गया. पुलिस ने फिरौती मांगने में प्रयुक्त सिम व मोबाइल सहित तीन अपहर्ताओं को रंगेहाथों पकड़ लिया है.
पकड़े गये अपहर्ता में नन्हक राम और निर्भय कुमार आपस में पिता-पुत्र हैं, जो रूपहरी गांव का निवासी हैं, जिसके घर से अपहृत जामवंत (3) को बरामद किया गया हैं. वही तीसरा अपहर्ता रूपहरा का संजीत राम है, जो नन्हक राम के घर पर रह कर अपहृत जामवंत की रखवाली कर रहा था. मुक्त अपहृत और तीनों अपहर्ता को शिकारगंज पुलिस ने पंजाब पुलिस के हवाले कर दिया हैं, जिसे कोर्ट से प्राप्त ट्रांजिट रिमांड के बाद पंजाब पुलिस अपने साथ लेकर जायेगी.
थानाध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया कि तीनों अपहर्ता पंजाब के मोहाली जिलांतर्गत कुराली में रह कर मजदूरी करता था. वही से तीनों ने विश्व राम के तीन वर्षीय पुत्र जामवंत का अपहरण कर बिहार आ गया. मामले को लेकर विश्व राम ने कुराली थाना में तीनों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करायी थी, जिसकी तलाश में विगत दो दिनों से पंजाब पुलिस शिकारगंज में रह कर रूपहरी गांव की रेकी कर रही थी. अपहृत की पुरी जानकारी मिल जाने के बाद शिकारगंज पुलिस ने छापेमारी कर मुक्त करा लिया.थानाध्यक्ष ने कहा कि तीनों अपराधी अपहृत के पिता से 5 लाख 70 हजार रुपये की फिरौती की मांग कर रहा था. फिरौती मांगने में प्रयुक्त सीम और मोबाइल को भी बरामद कर लिया गया हैं.
मोतिहारी. पंजाब से अगवा तीन वर्षीय जामवंत को सकुशल मुक्त कराने के लिए निर्भय ने परिजनों के साथ मिलकर उसके पिता विश्वराम से पहले 17 हजार फिर एक लाख, उसके बाद पांच लाख 70 हजार की फिरौती मांगी थी. जैसे-जैसे समय बीत रहा था, अपहरणकर्ताओं का डिमांड बढता जा रहा था. निर्भय पंजाब के मोहाली जिला अंतर्गत कुराली में पेंटर विश्वराम के पास शिवा नाम से रहकर मजदूरी करता था.उसने अपने घर का पता भी गलत बताया था. किसी बात को लेकर विश्वराम से उसकी अनबन हो गयी,जिसके बाद उसने पंजाब के ही दिनेश नामक व्यक्ति के साथ मिलकर जामवंत के अपहरण की साजिश रची.वह 28 जुलाई को जामवंत का अपहरण कर साथ में उसके पिता की मोबाइल चुरा अपने गांव शिकारगंज के रूपहरी चला आया.
निर्भय के घर से बरामद हुआ जामवंत
जामवंत अपहरण कांड में निर्भय के साथ उसके पिता नन्हक राम सहित पूरा परिवार मिला हुआ था. परिवार के हरेक सदस्य को मालुम था कि निर्भय पंजाब से जामवंत को अगवा कर लाया है. उसको घर में रखना और खाना खिलाने का काम नन्हक व उसकी पत्नी के जिम्मे था.
बिगड़ गयी थी जामवंत की सेहत : विश्वराम ने बताया कि उसका पुत्र जामवंत हेल्दी था, लेकिन पुलिस ने रूपहरी से उसको बरामद किया तो काफी दुबला-पतला हो गया था. उसने बताया कि अपहरणकर्ता उसके पुत्र को ठीक से खाना नहीं देते थे, जिसके कारण उसकी सेहत बिगड़ गयी थी.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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