रक्सौल : नेपाल के उत्तरी क्षेत्र तथा भूटान के डोकलाम में चीन के द्वारा गलत तरीके से किये जा रहे सीमा विस्तार के विरोध में बुधवार को वीरगंज में मधेशी समाज संगठन के कार्यकर्ताओं ने चीन के खिलाफ प्रदर्शन किया. इस दौरान प्रदर्शन कर रहे आठ लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार भी किया है. इसमें विष्णु पटेल, आजम मंसूरी,
ओमबाबू सोनार, तुफैल मियां, सुरेश प्रसाद कुर्मी, बृजेश पटेल व बजरंगी पटेल शामिल हैं. बैंक ऑफ चाइना के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि मधेशी आंदोलन को दबाने और मधेश के अधिकार को रोकने के लिए चीन ने मधेशी विरोधी शासकों के साथ काम किया है. मधेश के विकास तथा अधिकार प्राप्ति के लिए हो रहे आंदोलन में अमेरिका, यूरोपियन संघ व पड़ोसी देश भारत का समर्थन मिला लेकिन एक अन्य पड़ोसी चीन ने हमारी मदद नहीं की. चीन ने अब
वीरगंज में चीन
तक मधेश के विकास में किसी प्रकार का सहयोग नहीं किया है. सक्रिय मधेशी समाज के अध्यक्ष उमेश लाल सहनी ने बताया कि अपने शक्ति का भय दिखा कर चीन नेपाल के उत्तरी इलाके में सीमा का विस्तार कर रहा है और डोकलाम में सड़क का निर्माण कर रहा है. जिसका हमलोग विरोध कर रहे हैं. गिरफ्तारी से हम आंदोलन कमजोर नहीं होगा.
एसपी सुदीप गिरि ने बताया कि यदि संगठन के अध्यक्ष इस प्रकार का प्रदर्शन नहीं करने की बात करते हैं, तो उनके कार्यकर्ताओं को छोड़ दिया जायेगा.
