मोतिहारी : द्वितीय फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश रामपुकार यादव ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म के मामले की सुनवाई करते हुए दो आरोपित को दोषी पाया है. न्यायाधीश ने दुष्कर्मी को 10 वर्षों की सश्रम कारावास सहित 10 हजार रुपये जुर्माना एवं सहयोगी को छह वर्षों की सश्रम कारावास एवं दस हजार रुपये जुर्माना भरने का आदेश दिया है. विदित हो कि 13 सितंबर 85 को पश्चिमी चंपारण बेतिया स्थित नाजमी चौक गंज नंबर-2 की 13 वर्षीय बीबी फरीदन उर्फ बेबी फरीदा को पूर्वी चंपारण मोतिहारी थाना क्षेत्र के बिसात पट्टी निवासी ललन साह एवं बंजरिमोतिहारी : द्वितीय फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश रामपुकार यादव ने नाबालिग के साथ
दुष्कर्म के मामले की सुनवाई करते हुए दो आरोपित को दोषी पाया है. न्यायाधीश ने दुष्कर्मी को 10 वर्षों की सश्रम कारावास सहित 10 हजार रुपये जुर्माना एवं सहयोगी को छह वर्षों की सश्रम कारावास एवं दस हजार रुपये जुर्माना भरने का आदेश दिया है. विदित हो कि 13 सितंबर 85 को पश्चिमी चंपारण बेतिया स्थित नाजमी चौक गंज नंबर-2 की 13 वर्षीय बीबी फरीदन उर्फ बेबी फरीदा को पूर्वी चंपारण मोतिहारी थाना क्षेत्र के बिसात पट्टी निवासी ललन साह एवं बंजरिया के चंदाबानों ने फरीदन को मामू के घर ले जाने का बहाना बनाकर बहला-फुसलाकर मोतिहारी लाया एवं रिफ्यूजी कॉलोनी स्थित आवास पर ले गया तथा ललन ने युवती के साथ दुष्कर्म किया. सूचना पर छतौनी पुलिस युवती सहित आरोपित को पकड़ लिया. युवती के बयान पर छतौनी थाना कांड संख्या 74/85 दुष्कर्म की प्राथमिकी दर्ज की गयी. अभियोजन पक्ष से एपीपी दिग्विजय नारायण सिंह ने दस गवाहों को प्रस्तुत करते हुए पक्ष रखा. दोनों पक्षों का दलीले सुनने के बाद न्यायालय ने ललन को 376 भादवि में 10 वर्ष एवं दस हजार जुर्माना एवं अपहरण के जुर्म में तीन वर्ष की सजा तथा चंदा बानो को छह वर्ष एवं अपहरण के जुर्म में तीन वर्षों की सजा सुनायी है.
या के चंदाबानों ने फरीदन को मामू के घर ले जाने का बहाना बनाकर बहला-फुसलाकर मोतिहारी लाया एवं रिफ्यूजी कॉलोनी स्थित आवास पर ले गया तथा ललन ने युवती के साथ दुष्कर्म किया. सूचना पर छतौनी पुलिस युवती सहित आरोपित को पकड़ लिया. युवती के बयान पर छतौनी थाना कांड संख्या 74/85 दुष्कर्म की प्राथमिकी दर्ज की गयी. अभियोजन पक्ष से एपीपी दिग्विजय नारायण सिंह ने दस गवाहों को प्रस्तुत करते हुए पक्ष रखा. दोनों पक्षों का दलीले सुनने के बाद न्यायालय ने ललन को 376 भादवि में 10 वर्ष एवं दस हजार जुर्माना एवं अपहरण के जुर्म में तीन वर्ष की सजा तथा चंदा बानो को छह वर्ष एवं अपहरण के जुर्म में तीन वर्षों की सजा सुनायी है.
