बक्सर में विश्व आदिवासी दिवस पर गूंजा अधिकारों का संदेश, गोंडवाना स्टूडेंट्स यूनियन ने शिक्षा और संस्कृति बचाने का लिया संकल्प

बक्सर में गोंडवाना स्टूडेंट्स यूनियन द्वारा विश्व आदिवासी दिवस धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम में जल, जंगल, जमीन और शिक्षा के संरक्षण का संकल्प लिया गया।

Buxar News : नया भोजपुर स्थित ग्राम ढकाईच (लेवाड़) के गोंडवाना पेनठाना में रविवार को गोंडवाना स्टूडेंट्स यूनियन, बिहार इकाई की ओर से विश्व आदिवासी दिवस समारोह आयोजित किया गया. कार्यक्रम में गोंड समाज सहित विभिन्न आदिवासी समुदायों के छात्र-छात्राएं, युवा, महिलाएं, बुजुर्ग और सामाजिक कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए. पारंपरिक वेशभूषा, लोकगीत, संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे कार्यक्रम को आदिवासी संस्कृति के रंग में रंग दिया.

महापुरुषों और वीर-वीरांगनाओं को किया नमन

कार्यक्रम की शुरुआत समाज के महापुरुषों और वीर-वीरांगनाओं को नमन कर की गयी. वक्ताओं ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि समाज के अधिकारों, समस्याओं और भविष्य की दिशा पर विचार करने का दिन है. आदिवासी समाज को अपने संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक होकर शिक्षा और सामाजिक एकता को मजबूत करना होगा.

शिक्षा को बनाया जाये बदलाव का हथियार

वक्ताओं ने युवाओं से शिक्षा को समाज के विकास का सबसे बड़ा माध्यम बनाने की अपील की. युवाओं को सामाजिक कुरीतियों से दूर रहने और समाज को संगठित करने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया. वक्ताओं ने कहा कि शिक्षित और जागरूक युवा ही आने वाली पीढ़ी को बेहतर दिशा दे सकते हैं.

जल, जंगल और जमीन बचाने का लिया संकल्प

समारोह में जल, जंगल और जमीन के संरक्षण को प्रमुख मुद्दा बनाया गया. वक्ताओं ने कहा कि प्रकृति आदिवासी जीवन और संस्कृति का आधार है. जंगल, नदियों और जमीन की रक्षा करना केवल वर्तमान पीढ़ी ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की जिम्मेदारी भी है. इस दौरान भाषा, संस्कृति और पर्यावरण के संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया गया.

गोंडी भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग

गोंडवाना स्टूडेंट्स यूनियन के राष्ट्रीय सचिव कृष्णा गोंड ने गोंडी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग उठायी. उन्होंने 9 अगस्त को सरकारी अवकाश घोषित करने की भी मांग की. वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी भाषाओं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए सरकार को ठोस पहल करनी चाहिए.

सैकड़ों लोगों ने लिया एकता और संस्कृति बचाने का संकल्प

कार्यक्रम में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मंतोष गोंड, ब्रह्मपुर प्रत्याशी विक्रमा गोंड, राष्ट्रीय सचिव पन्ना लाल गोंड, जीएसयू बिहार अध्यक्ष संजय गोंड, बक्सर जिला अध्यक्ष विश्वामित्र गोंड सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे. अंत में सभी ने सामाजिक एकता मजबूत करने, शिक्षा को बढ़ावा देने तथा जल, जंगल, जमीन, भाषा और संस्कृति के संरक्षण का संकल्प लिया. संगठन की ओर से कार्यक्रम में सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार जताया गया.


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By आशुतोष सिंह

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