Buxar News: बक्सर में महिला संवाद कार्यक्रम ने रचा रिकॉर्ड, 1.9 लाख प्रतिभागियों ने बढ़ाया हौसला

ग्रामीण विकास विभाग के तत्वावधान में 18 अप्रैल 2025 से बक्सर जिले में प्रारंभ हुआ 58 दिवसीय महिला संवाद कार्यक्रम रविवार 15 जून को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ

बक्सर

. ग्रामीण विकास विभाग के तत्वावधान में 18 अप्रैल 2025 से बक्सर जिले में प्रारंभ हुआ 58 दिवसीय महिला संवाद कार्यक्रम रविवार 15 जून को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ. यह कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण और जन-जागरूकता के क्षेत्र में एक प्रभावशाली पहल साबित हुआ. जिसकी गूंज अब जिले के कोने-कोने तक सुनाई दे रही है. कार्यक्रम के अंतिम दिन जिले के सभी 11 प्रखंडों के 925 ग्राम संगठनों में महिला संवाद का आयोजन उत्साह, जागरूकता और व्यापक भागीदारी के साथ किया गया. संवाद के दौरान महिलाओं ने न केवल अपने जीवन और सामाजिक परिवेश से जुड़ी समस्याओं को साझा किया, बल्कि उनके समाधान के लिए सुझाव भी दिए. रविवार को महिला संवाद कार्यक्रम बक्सर जिले के 5 प्रखंड के दोनो पालियों मे कुल 8 ग्राम संगठन मे सफलता पुर्वक आयोजन हुआ. कार्यक्रम के अंतर्गत एलईडी युक्त जागरूकता वाहन के माध्यम से योजनाओं से संबंधित 45 मिनट की फ़िल्म की प्रदर्शनी की गई. इसके अलावा, महिलाओं को विस्तृत जानकारी के लिए 31 योजनाओं युक्त लीफलेट तथा मुख्यमंत्री संदेश पत्र भी वितरित किए गए. आयोजित कार्यक्रमों में 145,339 जीविका से जुड़ी दीदियों, 31,895 अन्य ग्रामीण महिलाओं एवं 13037 पुरुषों ने सक्रिय भागीदारी की है, जो कुल 1,90,271 प्रतिभागियों की उपस्थिति दर्ज हुई. कार्यक्रम के दौरान महिलाओं द्वारा कुल 25667 आकांक्षाएँ दर्ज की गई हैं, जिसमें 913 आकांक्षाओं को चिन्हित किया है, जिसे जिला प्रशासन के माध्यम से संबंधित विभागों को अग्रसारित कर दिया गया है. महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक अहम कदम बन चुका महिला संवाद कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को एकजुट कर, उनके जीवन, अनुभव और आकांक्षाओं को स्वर देने का सशक्त मंच बना. इस संवाद के माध्यम से महिलाएं न सिर्फ अपने परिवेश से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा कर रही हैं, बल्कि उनके समाधान के लिए रचनात्मक सुझाव भी दे रही हैं. कार्यक्रम में सहभागी महिलाएं अपने आत्मविश्वास, सजगता और अनुभवों से सामाजिक परिवर्तन की प्रेरणा बन रही हैं. यह पहल लोकतंत्र की जड़ों को और गहरा करने का काम कर रही है. महिलाओं द्वारा कार्यक्रम में व्यक्त आकांक्षाओं को सूचीबद्ध किया जा रहा है, जिन्हें भविष्य की योजनाओं के निर्माण में सम्मिलित किया जाएगा. यह कार्यक्रम न केवल स्थानीय जरूरतों को उजागर कर रहा है, बल्कि नीतिगत स्तर पर बदलाव की दिशा भी तय कर रहा है.

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