नावानगर के 3, 12 और 13 वार्ड के लोगों को नहीं मिलता है जलमीनार का पानी

स्थानीय गांव में बने जलमीनार से नावानगर के आधे से अधिक लोगों को विगत नौ महीनों से पानी नहीं मिल रहा है.

नावानगर. स्थानीय गांव में बने जलमीनार से नावानगर के आधे से अधिक लोगों को विगत नौ महीनों से पानी नहीं मिल रहा है. जलापूर्ति सुचारू रूप से नहीं चलने के चलते लोगों को स्वच्छ पेयजल व पानी के लिए खासी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. पानी नहीं मिलने के कारण सड़क निर्माण के दौरान पाइप टूट जाने की बात बताई जा रही है. जिन लोगो को पानी मिल भी रहा है वह गंदा मिल रहा है. वार्ड नंबर 3, 12 और 13 के लोगों को जलमीनार से पानी नहीं मिल रहा है. कहीं किसी को मिल रहा है तो मिलने वाले पानी में नाली का पानी मिल रहा है. जहां सड़ांध नाली के पानी व जलमीनार के सप्लाई से लोग पानी पीने को तो दूर उसका उपयोग किसी काम में नही हो रहा है. जिसके चलते लोगो को खासी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. विगत 10 वर्ष पहले जलमीनार बनकर खड़ा हुआ था. तब लोगों को आराम से घरों में पानी पहुंच जाता था. जिससे ग्रामीणों को पेयजल की समस्या का सामना नहीं करना पड़ता था. लेकिन इस समय पानी के लिए काफी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है.

सड़क निर्माण के समय पाइप टूटा

जानकारी के कारण स्थानीय गांव स्थित डुमरांव बिक्रमगंज पथ एनएच 120 का सड़क के निर्माण व चौड़ीकरण के समय जब सड़क निर्माण कम्पनी के द्वारा जलमीनार का बिछाये गये पाइप को उखाड़ दिये जाने से जलापूर्ति बंद हो गयी. जिससे सड़क के पूर्व किनारे के घरों के लोगो को पानी के लिए ज्यादा मशक्त करनी पड़ रही है. वहीं जो लोग पूरी तरह जलमीनार से पानी की सप्लाई पर आश्रित है व जिन्हें पीने के पानी के लिए दूसरे के चापाकल का सहारा लेना पड़ता है उन्हें काफी कठिनाई हो रही है. सड़क के किनारे जलापूर्ति बंद होने की मुख्य वजह सडक निर्माण कम्पनी द्वारा जलमीनार का बिछाया गया पाइप को उखाड़ दिया जाना तथा आपूर्ति पाइप का जगह जगह लीकेज हो जाना है. कई लोगों ने कहा कि जलमीनार से जलापूर्ति बंद हो जाने के कारण परेशानी बढ़ गयी है. और स्वच्छ पेयजल हमलोगों के लिए सपना बन गया है.ऐसी बात नहीं है कि स्वच्छ पेयजल के लिए उखाड़े पाइप को बिछाने के लिए हम सबों ने अधिकारियों के दरवाजा नहीं खटखटाया. हम सबों ने प्रखंड से लेकर अनुमंडल जिला तक का दरवाजा खटखटाया. लेकिन आज तक नतीजा ढाक के तीन पात रहा ऐसे में लोगो को स्वच्छ पेयजल मुहैया कराने की नियत से लाखों की लागत से बना जलमीनार आधी आबादी के लिए शोभा की वस्तु बन गयी है. और एक तिहाई आबादी के लिए सड़ांध नाली के पानी से जीना मुश्किल हो गया है. इसकी पुष्टि करते हुए ऑपरेटर शम्भू प्रसाद ने बताया कि तीनों वार्ड में पानी नहीं जाता है. साथ ही मेरा वेतन पांच सालों से बंद है.

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Published by: Amlesh prasad

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