Buxar News : बक्सर में नगर निकायों को स्वच्छ, टिकाऊ और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (SWM) पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. नगर परिषद बक्सर के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यशाला में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मियों को कचरा प्रबंधन के आधुनिक तरीकों, नियमों और तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी गई.
पांच नगर निकायों के प्रतिनिधियों ने लिया भाग
ईस्टर्न ग्रेस होटल परिसर में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन जिले के पांचों नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारियों एवं मुख्य पार्षदों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया. इसमें बक्सर नगर परिषद के अलावा डुमरांव नगर परिषद, चौसा, ब्रह्मपुर और इटाढ़ी नगर पंचायतों के जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी शामिल हुए.
आईआईटी विशेषज्ञों ने बताए आधुनिक मॉडल
प्रशिक्षण के दौरान आईआईटी के विषय विशेषज्ञों ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के वैज्ञानिक मॉडल, कचरा प्रसंस्करण तकनीक और पर्यावरणीय मानकों की विस्तार से जानकारी दी. तकनीकी सत्र के बाद प्रश्नोत्तर कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया.
'कचरा भी बन सकता है कमाई का जरिया'
विशेषज्ञों ने बताया कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नगर निकायों के लिए राजस्व और रोजगार का नया माध्यम बन सकता है. गीले कचरे से कम्पोस्ट और बायोगैस, जबकि सूखे कचरे की रिसाइक्लिंग के जरिए आय बढ़ाई जा सकती है.
पार्षदों और कर्मियों की भूमिका पर जोर
प्रशिक्षकों ने वार्ड स्तर पर पार्षदों की जिम्मेदारियों को रेखांकित करते हुए घर-घर सूखा और गीला कचरा अलग करने के लिए लोगों को जागरूक करने, कचरा संग्रहण व्यवस्था की निगरानी और सामुदायिक डस्टबिन के बेहतर प्रबंधन पर जोर दिया. वहीं कर्मियों को कचरे की छंटाई और प्रसंस्करण इकाइयों के संचालन की तकनीकी जानकारी दी गई.
स्वच्छ भारत मिशन 2.0 की योजनाओं की जानकारी
कार्यक्रम में अधिकारियों को स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के तहत मिलने वाली योजनाओं, कचरा प्रसंस्करण प्लांट स्थापित करने की प्रक्रिया, प्लास्टिक मुक्त अभियान, थोक कचरा उत्पादकों की जिम्मेदारी तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रावधानों से भी अवगत कराया गया.
'स्वच्छ बक्सर, समृद्ध बक्सर' का लिया संकल्प
प्रशिक्षण के अंत में सभी प्रतिभागियों ने अपने-अपने वार्ड और नगर में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को प्राथमिकता देने तथा आम लोगों को जागरूक करने का संकल्प लिया. आयोजकों ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आगे भी जारी रहेंगे, ताकि "स्वच्छ बक्सर, समृद्ध बक्सर" का लक्ष्य साकार हो सके.
