Buxar News: बक्सर नगर परिषद अंतर्गत वार्ड संख्या-16 के नए परिसीमन की प्रक्रिया को लेकर स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिधियों के बीच गहरा असंतोष फैल गया है. वार्ड के ऐतिहासिक और व्यावसायिक रूप से महत्वपूर्ण हिस्से गोला बाजार को वार्ड-16 से काटकर दूसरे वार्ड में शामिल करने की कथित प्रशासनिक कवायद के विरोध में मोहल्लेवासी लामबंद हो गए हैं. स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि राजनीतिक प्रभाव और दबाव में आकर जनसुविधा व भौगोलिक सीमाओं की अनदेखी की जा रही है.
चुनाव आयोग, नगर विकास विभाग और डीएम को सौंपा ज्ञापन
इस मामले को लेकर वार्ड पार्षद प्रतिनिधि विजय राजभर के नेतृत्व में स्थानीय नागरिकों ने बिहार राज्य निर्वाचन आयोग, नगर विकास एवं आवास विभाग के अपर सचिव तथा बक्सर जिलाधिकारी को संयुक्त रूप से ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन के जरिए मांग की गई है कि वार्ड-16 के परिसीमन की चल रही पूरी प्रक्रिया की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि किसी भी प्रकार के पक्षपात या प्रशासनिक हेरफेर पर रोक लगाई जा सके.
आधिकारिक अधिसूचना से पहले सूचना लीक होने पर खड़े किए सवाल
स्थानीय निवासियों ने प्रशासनिक गोपनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा कि परिसीमन से संबंधित आधिकारिक मसौदा सार्वजनिक होने से पहले ही कुछ चुनिंदा प्रभावशाली लोगों तक इसकी अंदरूनी जानकारी कैसे पहुंच गई? नागरिकों का कहना है कि सूचनाओं का इस तरह समय से पहले बाहर आना पूरी प्रशासनिक प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर गंभीर संदेह पैदा करता है.
मूल दस्तावेज सुरक्षित रखने और प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग
प्रदर्शनकारी नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन के समक्ष प्रमुख मांगें रखी हैं:
- गोला बाजार यथावत रहे: गोला बाजार क्षेत्र को वार्ड संख्या-16 का ही हिस्सा बनाए रखा जाए.
- अधिसूचना पर तत्काल रोक: जब तक पूरे मामले की पारदर्शी जांच पूरी न हो जाए, तब तक वार्ड-16 से संबंधित किसी भी अंतिम अधिसूचना पर पूर्ण रोक लगाई जाए.
- दस्तावेजों का संरक्षण: परिसीमन से जुड़े मूल प्रस्ताव, नक्शे और प्रशासनिक फाइलों को सुरक्षित रखा जाए ताकि किसी भी तरह की फेरबदल न हो सके.
कांग्रेस जिला व्यवसायी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष दौलत चंद गुप्ता ने भी प्रस्तावित बदलाव पर कड़ा ऐतराज जताते हुए व्यापारियों की असुविधा का हवाला दिया है. स्थानीय लोगों ने दो-टूक चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया, तो वे चरणबद्ध तरीके से उग्र जनआंदोलन शुरू करने को विवश होंगे.
