Buxar News (विनोद कुमार सिंह) : शनिवार को नगर समेत प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में सुहागिन महिलाओं ने पति की लंबी आयु के लिए वट सावित्री का पर्व श्रद्धा से मनाया. महिलाओं ने बरगद के पेड़ के नीचे एकत्र होकर वट वृक्ष की विधिवत पूजा-अर्चना की और पति के स्वास्थ्य, दीर्घायु व परिवार की सुख-शांति के लिए यम देव से वरदान मांगा.
जहां वट वृक्ष नहीं वहां महिलाओं ने बरगद की टहनी को वृक्ष का प्रतीक मानकर पूजा की
सुबह गंगा स्नान के बाद महिलाओं ने व्रत का संकल्प लिया. कई स्थानों पर जहां वट वृक्ष उपलब्ध नहीं था, वहां महिलाओं ने बरगद की टहनी को वृक्ष का प्रतीक मानकर पूजा की. पूजा के बाद सावित्री-सत्यवान की कथा सुनी गई और सुहागिनों ने एक-दूसरे को सिंदूर, फल व सुहाग सामग्री दान कर आशीर्वाद लिया.
व्रत रखने से पति पर आया संकट टल जाता है
पौराणिक मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने से पति पर आया संकट टल जाता है और उनकी उम्र लंबी होती है. सनातन धर्म में वट वृक्ष को ज्ञान परंपरा का संवाहक माना गया है. मान्यता है कि वट वृक्ष के दर्शन से भौतिक कष्ट दूर होते हैं और इसके समीप दीपदान करने से परिवार का अभ्युदय होता है.
सौभाग्य का प्रतीक है वट वृक्ष
स्थानीय पुजारियों के अनुसार वट का एक पौधा लगाने से हजारों वृक्ष लगाने का पुण्य प्राप्त होता है. यह वृक्ष सौभाग्य का प्रतीक भी है. पूजा के दौरान पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल रहा और महिलाओं ने यम देवता से परिवार की सलामती व समृद्धि की कामना की.
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