केसठ. प्रखंड में मतदान केंद्र ऐसे हैं, जहां मतदाताओं को दो से तीन किलोमीटर से अधिक दूरी तय कर वोट डालने जाना पड़ेगा. मतदान के दिन वाहनों का आवागमन भी प्रतिबंधित रहेगा. ऐसे में मतदाता वोट डालने कैसे जायेंगे. यह महिला, वृद्ध एवं दिव्यांग मतदाताओं के लिए चिंता का विषय बना हुआ है. बिहार विधानसभा चुनाव में निर्वाचन आयोग के निर्देश पर मतदाताओं से शत प्रतिशत मतदान करने की अपील की जा रही है. वहीं दो मतदान केंद्र ऐसे बनाए गए हैं,जो मतदाताओं के गांव से दो से तीन किलोमीटर से अधिक दूर हैं. ऐसे में मतदाता इतनी दूर चलकर अपने मताधिकार का प्रयोग कैसे करेंगे. इस पर अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया है. प्रखंड के पोखरा टोला, जमुआ टोला, हरि टोला, केसठ दक्षिण पश्चिम डेरा के सैकड़ों मतदाताओं को दो से तीन किलोमीटर से अधिक दूर पैदल चलकर वोट डालने जाना पड़ेगा. मतदान केंद्रों की दूरी अधिक होने की वजह से कई मतदाता वोट डालने नहीं जा पायेंगे. ऐसी स्थिति में मतदान का प्रतिशत प्रभावित हो सकता है. मतदाताओं ने बताया कि धेनुआडीह व शिवपुर स्थित मतदान केंद्रों पर सैकड़ों मतदाताओं को वोट डालने पैदल दो से तीन किलोमीटर से अधिक जाना पड़ेगा. इस कारण कई लोग वोट डालने से वंचित रह जायेंगे. चुनाव आयोग के निर्देश पर मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए लाखों रुपये खर्च कर मतदाताओं को जागरूक किया जा रहा है. परंतु मतदान केंद्र दूर होने के कारण मतदान प्रतिशत पर असर पड़ेगा.
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