बक्सर. कृषि विभाग के द्वारा दलसागर गांव में 125 किसानों को क्लस्टर के रूप में प्राकृतिक खेती पर एकदिवसीय प्रशिक्षण बुधवार को दिया गया. प्रशिक्षण का उद्घाटन ट्रेनर संजय पाठक एवं प्रखंड तकनीकी प्रबंधन अजय कुमार सिंह, कृषि समन्वयक कमलेश कुमार पासवान, एटीएम रजनीश कुमार, किसान सलाहकार ओमप्रकाश कुमार सिंह ने किया. किसानों को प्राकृतिक खेती के बारे जानकारी देते हुए द्वय अधिकारियों ने कहा कि इसमें रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग नहीं किया जाता. प्राकृतिक खाद बनाने की जानकारी के साथ-साथ जैविक विधियों से खेती करने की तकनीक सिखायी गयी. इससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने और मानव स्वास्थ्य को लाभ पहुंचाने पर जोर दिया गया. प्राकृतिक खेती, प्रकृति प्रदत्त संसाधनों पर आधारित है. इसमें रासायनिक उर्वरकों का नाम मात्र भी प्रयोग नहीं किया जाता है. उन्होंने कहा कि इसमें प्रकृति से मिले पेड़-पौधे, गोबर, गोमूत्र, मट्ठा व अन्य सभी तरह के जैव और कार्बनिक पदार्थों को सड़ाकर, विभिन्न प्रकार के जैव कीटनाशकों व प्रयोग किया जाता है. प्राकृतिक खेती से मिट्टी की उर्वरता बढ़ जाती है. इससे मिट्टी की सेहत में सुधार होता है. उत्पादित खाद्य पदार्थों में रासायनिक अवशेष नहीं होते हैं. यह मानव स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है.
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