चादर बेचने की आड़ में बैंक से निकले लोगों को बनाते थे निशाना, तीन उचक्के गिरफ्तार

बैंक से पैसे निकालकर घर लौट रहे लोगों को निशाना बनाने वाला शातिर गिरोह धराया

डुमरांव से सुजीत कुमार ओझा की रिपोर्ट

डुमरांव (बक्सर). बैंक से पैसे निकालकर घर लौट रहे लोगों को निशाना बनाने वाले शातिर गिरोह को पुलिस ने पकड़ा है. पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से एक लाख 38 हजार रुपये नकद और एक मोटरसाइकिल बरामद की है. गिरफ्तार आरोपित चादर बेचने की आड़ में इलाके में घूमते थे और बैंक ग्राहकों की रेकी कर छिनतई की घटनाओं को अंजाम देते थे. गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान सारण जिले के कोपा गांव निवासी धानु कुमार, पिता पप्पू तिवारी, दिलीप कुमार, पिता पप्पू तिवारी तथा मांझी गांव निवासी विक्की तिवारी, पिता दुधनाथ तिवारी के रूप में हुई है. यह कार्रवाई एसडीपीओ पोलस्त कुमार के नेतृत्व में डुमरांव थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा और उनकी टीम द्वारा की गयी. जानकारी के अनुसार, पुलिस को उस समय सफलता मिली जब डुमरांव थाना क्षेत्र के एक बैंक के समीप दो युवक संदिग्ध परिस्थिति में घूमते हुए दिखाये दिये. पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें पूरे गिरोह का खुलासा हुआ. पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे बक्सर में तंबू लगाकर रहते थे और चादर फेरी का काम करते थे. इसी दौरान वे बैंक के आसपास घूमकर यह पता लगाते थे कि कौन ग्राहक अधिक रकम निकाल रहा है. इसके बाद वे ग्राहकों का पीछा करते और मौका मिलते ही उनके पैसे उड़ा लेते थे. पुलिस के अनुसार गिरोह बेहद शातिर तरीके से वारदात को अंजाम देता था, जिससे पीड़ितों को तुरंत घटना की भनक तक नहीं लगती थी.

चादर बेचने के बहाने करते थे रेकी

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने अरियांव गांव निवासी शिव कुमार कानू से 48 हजार रुपये उचक्कागिरी की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है. बताया गया कि शिव कुमार कानू डुमरांव के राजगढ़ स्थित पीएनबी बैंक से पैसे निकालकर टेम्पो स्टैंड पहुंचे थे, जहां दो युवक उनके साथ वाहन में बैठे और डीएवी स्कूल के पास उनकी शर्ट की जेब से रुपये निकालकर फरार हो गये थे.इसके अलावा तीन दिन पूर्व तिलक राय के हाता थाना क्षेत्र के मानिकपुर गांव निवासी महिला रामेश्वरी देवी से 40 हजार रुपये छीनने की घटना में भी गिरोह की भूमिका सामने आई है. महिला सिमरी स्थित बैंक से पैसे निकालकर घर लौट रही थीं, तभी रास्ते में उनसे रुपये छीन लिए गए थे. लगातार हो रही घटनाओं के बाद पुलिस गिरोह की तलाश में जुटी हुई थी और लगातार छापेमारी अभियान चला रही थी.आरोपितों का आपराधिक इतिहास भी पुलिस ने पहले दो आरोपियों को शक के आधार पर पकड़ा था. पूछताछ के दौरान दोनों ने अपने एक अन्य साथी की जानकारी दी, जिसके आधार पर तीसरे अभियुक्त को भी गिरफ्तार किया गया. उनकी निशानदेही पर 1.38 लाख रुपये नकद बरामद किए गए. पुलिस जांच में गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है. धानु कुमार के खिलाफ कुचायकोट थाना में कांड संख्या 362/25 दर्ज है, जबकि विक्की तिवारी पर मांझी थाना में कांड संख्या 49/19 पहले से दर्ज बताया गया है. इस कार्रवाई में डुमरांव थाना के एसआई मंगल भूषण पासवान, एसआई प्रियंका कुमारी, पीएसआई शैलेश कुमार शर्मा तथा डीआइयू टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही. पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By DHARMENDRA KUMAR

DHARMENDRA KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >