श्रीनाथ बाबा घाट स्थित पक्की घाट पर जमा है गंगा का सिल्ट, नहीं पहुंची नगर परिषद की सफाई टीम
स्वच्छता के प्रतीक छठ पूजा को लेकर घरों में तैयारियां जोर शोर से शुरू हो गयी है. वहीं दीपावली बीत जाने के बाद भी अभी श्रीनाथ बाबा घाट पर नगर परिषद का सफाई अभियान नहीं पहुंचा है.
श्रीनाथ बाबा घाट स्थित पक्की घाट पर जमा है गंगा का सिल्ट, नहीं पहुंची नगर परिषद की सफाई टीम
बक्सर. स्वच्छता के प्रतीक छठ पूजा को लेकर घरों में तैयारियां जोर शोर से शुरू हो गयी है. वहीं दीपावली बीत जाने के बाद भी अभी श्रीनाथ बाबा घाट पर नगर परिषद का सफाई अभियान नहीं पहुंचा है. जिसके कारण स्थानीय व छठ पर्व करने वाले व्रतियों के परिजन घाटों की सफाई शुरू किया है. जिससे वे स्वच्छता के इस महापर्व को स्वच्छ स्थल एवं परिवेश में मना सके. लोगों द्वारा अपने निर्धारित घाटों पर जमा सिल्ट को अपने श्रमदान से हटा रहे है. वहीं घरों में छठ गीत की ध्वनि की गुंज भी सुनायी देने लगी है. इसके साथ ही गंगा घाटों पर होने वाली भीड़ को लेकर लोग अभी से घाट की तैयारी में जुट गये हैं. छठ घाट संरक्षित करने के लिए लोगों ने अपनी बैठने व स्वच्छता को देखते हुए घाटों का सिल्ट भी हटाना शुरू कर दिया है. लोगों ने नगर परिषद की सफाई की उदासीनता को देखते हुए स्वयं ही स्वच्छता के प्रतीक महापर्व को लेकर घाटों का सफाई शुरू किये है. जिससे उनका जगह संरक्षित होने के साथ ही आराम से छठ पूजा निर्धारित जगह पर कर सके. वहीं गंगा घाटों की स्वच्छता की जिम्मेदारी नगर परिषद की स्वच्छता एजेंसी को है. लेकिन स्वच्छता के लिए निर्धारित एजेंसी गंगा घाटों की स्वच्छता के प्रति लापरवाह बना हुआ है. जिसके कारण अभी नगर के महत्वपूर्ण घाटों में शामिल श्रीनाथ बाबा मंदिर स्थित घाट की सफाई शुरू नहीं हुई है. घाट पर पूरी तरह से सिल्ट अभी भी जमा हुआ है. नगर परिषद गंगा घाटाें की स्वच्छता के साथ ही नगर की स्वच्छता पर बड़ी राशि प्रतिमाह काफी खर्च कर रहा है. जिसका लाभ नगर वासियों को नहीं मिल पा रहा है. नगर में अपेक्षित साफ-सफाई नगर के साथ ही गंगा घाटों पर तो बिल्कुल ही नहीं दिख रहा है. जबकि नगर के प्रमुख गंगा घाटों में नाथ बाबा गंगा घाट शामिल है. नाथ बाबा गंगा घाट पर बने पुराने घाटों को प्रतिदिन स्नान करने वाले लोगों ने अपेक्षाकृत साफ कर दिये है, लेकिन नये बने घाट पर जमा सिल्ट छठ व्रत करने वाले श्रद्धालुओं के परिजनों ने शुरू कर दिया है. इसके साथ ही नाथ बाबा घाट के दूसरी ओर कच्ची घाट का भी दयनीय स्थिति बनी हुई है. जहां न तो सफाई हुआ है और न ही सफाई के प्रति कोई सुगबुगाहट ही नगर परिषद की दिख रही है. वहीं प्रतिदिन नीचे की ओर खिसक रहे गंगा के जल स्तर के कारण तट दलदल में भी तब्दिल होते जा रहा है. जबकि छठ महापर्व में केवल चार दिन ही शेष बचा हुआ है. इतने कम समय में श्रीनाथ बाबा घाट की सफाई करा पाना नगर परिषद के लिए चुनौती बनी हुई है.
घाट पर अभी नहीं हुई है सफाई
नाथ बाबा घाट पर सफाई मंदिर के श्रद्धालुओं एवं मंदिर के परिकरों द्वारा ही निर्भर है. अभी तक साफ-सफाई को लेकर जिम्मेदार एजेंसी ने अभी तक कोई सफाई नहीं कराया है और न ही सफाई शुरू ही कराया है. जबकि घाटों की सफाई भी प्रतिदिन एजेंसी को ही करनी है. इसके लिए नगर की सफाई के साथ ही घाटों की सफाई करना है. लेकिन सफाई एजेंसी घाटों की सफाई के प्रति गंभीर नहीं है. जिसके कारण छठ व्रती गंदगी के बीच पर्व मनाने को विवश होगे. वहीं सिल्ट नहीं हटने से छठ व्रतियों को परेशानी हो सकती है.
सामने के कच्ची घाट है दलदल व गंदगी भरा
नाथ बाबा मंदिर स्थित सोन नहर के दूसरी ओर कच्ची घाट दलदल भरा है. इसके साथ ही कचरा काफी जमा हुआ है. जिसे अभी तक नगर परिषद से सफाई नहीं किया गया है. वहीं छठ घाट बनाने के लिए लोगों ने नगर परिषद का कार्य अपने हाथों में ले लिया है. घाटों पर सफाई कर छठ के लिए जगह संरक्षित करने लगे हैं.
क्या कहते हैं अधिकारी
साफ-सफाई को लेकर सफाई एजेंसी के प्रतिनिधि को निर्देशित किया गया है. एजेंसी को तेज गति से युद्ध स्तर पर प्रतिदिन सफाई को लेकर निर्देशित किया गया है. बहुत जल्द सभी घाटों की सफाई करा ली जायेगी.
मनीष कुमार, कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद बक्सर
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