जिले में बेस्ड लर्निंग कार्यक्रम के प्रति शिक्षकों की उदासीनता से रैैकिंग के मामले में पिछड़ा, होगी कारवाई

जिले में प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग कार्यक्रम अन्तर्गत माइक्रो इम्प्रुवमेंट प्रोजेक्ट की स्थिति काफी खराब है. जिसको लेकर विभाग ने चिंता जताया है.

बक्सर. जिले में प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग कार्यक्रम अन्तर्गत माइक्रो इम्प्रुवमेंट प्रोजेक्ट की स्थिति काफी खराब है. जिसको लेकर विभाग ने चिंता जताया है. जिसके कारण जिले का रैंकिंग काफी पिछड़ रहा है. इसके प्रति रैंकिंग में विभाग ने असंतोष जताया है. जिले के कुल 468 मध्य व उत्क्रमित विद्यालयों में केवल 157 विद्यालयों ने ही दिसंबर 2025 में प्रोजेक्ट को पूर्ण कर पाया है. जबकि इनमें कुल 264 विद्यालयों द्वारा प्रतिभागिता निभायी गयी है. शत प्रतिशत प्रतिभागिता निभाने एवं शत प्रतिशत पूर्ण करने के लिए 31 दिसंबर 2025 तक सभी मध्य व उत्क्रमित मध्य विद्यालयों को निर्देश जारी किया गया है. इसको लेकर निदेशक राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद पटना के द्वारा निर्देशित किया गया है. जिसके आलोक में डीपीओ सर्व शिक्षा अभियान चंदन द्विवेदी ने जिले के सभी संबंधित विद्यालयों को निर्देश दिया है. जिले में विज्ञान एवं गणित विषय पर कक्षा 6-8 के पाठ आधारित प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग कार्यक्रम अन्तर्गत माइक्रो इम्प्रुवमेंट प्रोजेक्ट का संचालन किया जा रहा है. उक्त कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी संबंधित शिक्षको व प्रधानाध्यापकों को प्रशिक्षण देने के साथ-साथ तकनीकी सहयोग के लिए जिला एवं प्रखण्ड स्तर पर तकनीकी समूह भी गठित किया गया है. साथ ही जिला स्तर से व्हाट्सप ग्रुप के माध्यम से बार-बार स्मारित भी किया जाता रहा है. इसके बावजूद भी सभी संबंधित विद्यालयों एवं संबंधित प्रधानाध्यापकों व शिक्षकों द्वारा माइको इम्प्रुवमेंट प्रोजेक्ट का कार्य क्रियान्वित नहीं किया जा रहा है, जिसके कारण जिले का रैंकिंग संतोषजनक नहीं है. जिले के कुल 468 मध्य व उत्क्रमित विद्यालयों में से मात्र 264 विद्यालयों द्वारा ही प्रतिभागी किया गया है, जबकि माह-दिसंबर 2025 में प्रोजेक्ट पूर्ण करने वाले विद्यालयों की संख्या मात्र 157 ही है. सभी मध्य व उत्क्रमित विद्यालयों में कक्षा 6-8 के पाठ आधारित विज्ञान एवं गणित विषय पर माइकों इम्प्रुवमेंट प्रोजेक्ट का क्रियान्वयन सुनिश्चित करें. दिसंबर 2025 के लिए निर्धारित माइको इम्प्रुवमेंट प्रोजेक्ट को 31 दिसंबर 2025 तक पूर्ण नहीं करने वाले विद्यालयों के प्रधानाध्यापक एवं विज्ञान व गणित पढ़ाने वाले शिक्षकों को चिन्हित करते हुए डीपीओ एसएसए को सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. जिससे अनुशासनिक कार्रवाई की जा सके. किसी भी प्रकार की लापरवाही में आप सभी की जबावदेही तय की जायेगी.

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Published by: Amlesh prasad

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