buxar news : सड़क किनारे कचरा डंप करने से लोगों को सता रहा बीमारी का डर

buxar news : 45 लाख से बढ़ाकर 90 लाख कर दी गयी सफाई एजेंसी की राशि, फिर भी पसरी है गंदगी

buxar news : डुमरांव. नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत विस्तृत नया भोजपुर-डुमरी मार्ग पर कचड़ा डंपिंग करने से लोगों के अवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. एनजीओ की मनमानी के कारण रोड के किनारे कूड़ा डंप किया जा रहा है. स्थानीय लोगों ने बताया कि नगर परिषद के द्वारा इतनी मनमानी किया जा रहा है कि बस्ती के समीप मुख्य पथ के किनारे शहरी क्षेत्रों से कचरा लाकर यहां पर फेंक दिया जा रहा है, जिससे हर समय यह डर बना रहता है कि कोई गंभीर बीमारी की चपेट में बस्ती के लोग न आ जाएं. वहीं, आने-जाने वाले राहगीर राजेश मिश्रा, अंश कुमार, सुरेश सिंह, उदित मिश्रा आदि ने बताया कि भोजपुर, डुमरांव, रेलवे स्टेशन, बक्सर सहित अन्य स्थानों पर जाने के लिए यही मार्ग है, प्रतिदिन दर्जनों गांवों से हजारों लोग इस रास्ते से यात्रा करते हैं. लेकिन इस मार्ग को नगर परिषद द्वारा ऐसा कर दिया गया है कि लोगों को यहां से गुजरना मुश्किल हो गया है. यहां से गुजरने वाले जैसे-तैसे लोग नाक तथा मुंह पर गमछा या रुमाल बांधकर इस रास्ते से यात्रा करते हैं. उन लोगों ने बताया कि जैसे ही भोजपुर पुल के समीप पहुंचते हैं, तो कचड़े से इतनी बुरी बदबू आती है कि लगता है प्राण निकल जायेगा. करीब आधे किलोमीटर की सफर मुंह एवं नाक बांधकर ही करना पड़ता है. मालूम हो कि कुछ माह पहले प्रभात खबर ने डुमरी-भोजपुर सड़क के किनारे कचड़ा फेंकने को लेकर इस मामले को प्रमुखता से उठाया था. प्रभात खबर में यह खबर प्रकाशित होने के बाद उस समय के तत्कालीन नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी मनीष कुमार द्वारा सफाई एजेंसी पर कार्रवाई करते हुए स्पष्टीकरण की मांग की गयी थी. उन्होंने निर्देश दिया था कि सफाई एजेंसी द्वारा यदि तय समय सीमा के अंदर सही जवाब नहीं मिलता है, तो एकरारनामे को रद्द करते हुए एजेंसी को काली सूची में डाल दिया जायेगा. हालांकि इस आदेश के बाद कुछ महीनों के लिए वहां पर कचरा डंपिंग करना सफाई एजेंसी द्वारा बंद कर दिया गया था. लेकिन फिर से उस जगह को छोड़कर उससे थोड़ी दूरी पर पुनः कचरा डंप किया जाने लगा. इसी तरह से नया भोजपुर थाने के बगल में फोरलेन के पास सड़क पर कचरा फेंका जा रहा है. लोगों का कहना है कि डुमरांव सफाई एनजीओ को जहां पर जगह मिल जाती है, वहीं पर कचरा डंप करना शुरू कर देते हैं. चाहे वह इलाका खाली हो या बस्ती बसी हो, इससे उनलोग को कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है. मालूम हो कि नगर परिषद के अंदर कूल 35 वार्ड है. 35 वार्डों के साफ-सफाई के लिए राशि 45 लाख से बढ़ाकर 90 लाख कर दी गई है, फिर भी धरातल पर सफाई व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हो रहा है. सफाई एजेंसियों द्वारा घनी आबादी वाले सड़क के बीचों-बीच कूड़ा डंप किया जा रहा है. यही हालत डुमरांव नगर का भी है. नगर परिषद द्वारा जहां-तहां व जैसे-तैसे कूड़ा डंप किया जा रहा है, जिससे लोगों को परेशानियों के साथ शहर की सुंदरता पर ग्रहण लग रहा है.

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Published by: Shailesh kumar

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