buxar news : डुमरांव. प्रखंड के कोरानसराय मुख्य चौक से होकर मठिला गांव होते हुए सरेंजा तक जाने वाली सड़क पर नाला निर्माण होने के बाद भी सड़क की सूरत नहीं बदली, जिसके चलते कोरान गांव स्थित इस सड़क पर जलजमाव और कीचड़ फैलने से लोगों को आवागमन करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इस परेशानी को लेकर ग्रामीण मोहन तिवारी, अलगु पासवान, राजेश्वर पासवान, बोरिक राजभर, भोला पासवान सहित अन्य का कहना है कि कोरान गांव स्थित सिकरौल-डुमरांव रजवाहा से लेकर कोरानसराराय मुख्य चौक तक 2020 में सड़क के दोनों तरफ नाले का निर्माण किया गया था. वहीं, एनएच 120 डुमरांव-विक्रमगंज सड़क किनारे कोरानसराय मुख्य चौक स्थित नाला निर्माण के कुछ दिनों बाद ही स्लेट टूट गया और उस जगह पर निकलने वाला गंदा पानी अवरूद्ध हो गया, जिसके चलते सड़क के दोनों तरफ के घरों से बाहर निकलने वाला गंदा पानी आकर सड़क पर पसरा रहता है. लोगों ने बताया कि सड़क के दोनों तरफ सड़क से ऊपर नाले का निर्माण कर दिया गया था, जिसके चलते यह दशा बन गयी है. जबकि, इसको लेकर ग्रामीणों ने नाला निर्माण के दौरान इसका विरोध भी जताया था, फिर भी सड़क से ऊपर नाले का निर्माण हो गया, जिसके चलते लोगों के घरों का पानी सड़क पर ही पसरा रहता है, जिसके कारण इस जगह पर जलजमाव के चलते सड़क खराब हो गयी. लोगों ने बताया कि सड़क पर जलजमाव और कीचड़ फैलने से आवागमन करने वाले बाइक चालक भी गिरकर चोटिल हो रहे हैं. जबकि इस सड़क से जुड़े सैकड़ों गांवों के लोगों को कीचड़ व जलजमाव से होकर गुजरना पड़ता है. लोगों ने बताया कि यह सड़क काफी महत्वपूर्ण है. 2020 में करोड़ों की लागत से इस सड़क का मजबूतीकरण किया गया था. इस सड़क पर ब्रह्मपुर, बगेन, चौगाई, कोरानसराय व कोरानसराय से मठिला, नारायणपुर होते हुए सरेंजा, कोचस-बक्सर मुख्य मार्ग तक प्रतिदिन सैकड़ों वाहनों का आवागमन होता है. लेकिन, सड़क की चौड़ाई कम होने के कारण बड़े वाहनों को गुजरते वक्त दोपहिया व चार पहिया वाहन चालकों के साथ सैकड़ों गांवों के राहगीरों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ती है, जहां कीचड़ व जलजमाव हमेशा बना रहता है. इसके चलते हल्की बारिश होने पर भी लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
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