बक्सर/डुमरांव.
तेज धूप का असर काफी तीखा है मानो पूरा बदन झुलसा देगा, लगातार एक सप्ताह से बदन झुलसा देनी वाली धूप लोगों को घर से बाहर निकलना मुश्किल कर दिया है. शुक्रवार को तापमान का पारा दिनभर 41 डिग्री पर चढ़ा रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 24 डिग्री पर रहा, लू का झकोरा रुक रुक लोगों का चेहरा और बदन ढकने को मजबूर कर दिया है. जहां गांवों में चापाकल से निकलने वाला पानी का जलस्तर खिसक गया है, इसको लेकर कोरानसराय के नावाडीह गांव के ग्रामीण सुरेंद्र सिंह ने बताया कि गांव में मनभरन यादव, धनजी सिंह, हरेंद्र सिंह, जयराम सिंह, सुदर्शन सिंह, लक्ष्मण सिंह, कैलाश, बहादुर सिंह के घर में लगे चापाकल सांय-सांय कर रहा है और पानी देना बंद कर दिया है, जिसके कारण लोगों को पेयजल की चिंता सता रही है, लोगों ने बताया कि वार्ड में लगे नल-जल योजना से ही जलापूर्ति हो रहा है, जिससे लोगों को पीने का पानी मिल रहा है. नल लोगों के लिए सहारा बना हुआ है. वर्ना इस तापमान के बीच लोगों को पेयजल के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता, लोगों ने बताया कि घर से बाहर निकलने पर ऐसा लग रहा है कि आसमान से आग बरस रहा है. थोड़ी देर भी तेज धूप के बीच खड़ा होने पर लग रहा है कि बदन जल जाएगा, सड़को पर 10 बजे तक ही बहुत मुश्किल से लोग दिख रहे हैं, 11 बजते ही सन्नाटा छा रहा है, ग्रामीण सड़कें विरान दिखती है, रजवाहा सड़क पर भी एक आदमी नहीं दिखायी देता है, तेज धूप और लू के थपेड़ो से लोगों की परेशानी बढ़ गयी है. गांवों की गलियों में भी दोपहर से शाम 4 बजे तक आवागमन में कमी हो गयी है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
