Buxar News : बिहार के सरकारी विद्यालयों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में अनुशासन और शैक्षणिक गरिमा बनाए रखने के लिए शिक्षा विभाग ने एक बार फिर सख्ती दिखाई है. निदेशक (प्रशासन), पटना की ओर से 20 जुलाई 2026 को सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (डीईओ) को जारी पत्र में स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मी अब विद्यालय अवधि के दौरान केवल औपचारिक (फॉर्मल) परिधान में ही उपस्थित होंगे. निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी.
2024 के निर्देशों का होगा सख्ती से पालन
शिक्षा विभाग ने 9 अक्टूबर 2024 को जारी अपने पूर्व निर्देशों का हवाला देते हुए कहा है कि कई विद्यालयों में अब भी उनका पालन नहीं हो रहा है. इससे न केवल विभागीय आदेशों की अवहेलना हो रही है, बल्कि शैक्षणिक संस्थानों की गरिमा और विद्यार्थियों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. ऐसे में सभी सरकारी विद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में इन निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित कराया जाएगा.
शिक्षकों के पहनावे और व्यवहार पर रहेगी नजर
विभाग का कहना है कि शिक्षक समाज के आदर्श होते हैं और उनका पहनावा व व्यवहार सीधे विद्यार्थियों को प्रभावित करता है. इसलिए विद्यालयों में अनुशासन, शालीनता और मर्यादित वातावरण बनाए रखना आवश्यक है. डीईओ को निर्देश दिया गया है कि वे सभी विद्यालयों तक विभागीय आदेश पहुंचाकर उसके अनुपालन की नियमित निगरानी करें.
ये हैं शिक्षा विभाग के प्रमुख निर्देश
- शिक्षण और कार्यालय अवधि में सभी शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के लिए फॉर्मल ड्रेस अनिवार्य होगी. जींस, टी-शर्ट और अन्य अनौपचारिक या भड़कीले परिधानों पर रोक रहेगी.
- विद्यालय परिसर में किसी भी प्रकार की अमर्यादित गतिविधि या अभद्र व्यवहार स्वीकार नहीं किया जाएगा.
- जिला शिक्षा पदाधिकारी सभी विद्यालयों में निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा करेंगे और कार्रवाई की रिपोर्ट शिक्षा विभाग को भेजेंगे.
- निर्देशों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों एवं संबंधित कर्मियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी.
