बक्सर. जिले में सक्रिय मोंचा चक्रवाती तूफान ने एक तरफ किसानों की चिंता बढ़ा दी है, वहीं दूसरी ओर बिजली व्यवस्था को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है. लगातार तीन दिनों से चल रही हवाओं और बारिश की वजह से जिले के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति घंटों बाधित रही. कहीं 18 घंटे तक अंधेरा पसरा रहा तो कहीं 10 घंटे तक उपभोक्ता बिजली के बिना परेशान रहे. बक्सर नगर समेत ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की स्थिति ऐसी रही कि उपभोक्ता न तो घर के काम कर सकें, न मोबाइल चार्ज कर पाए और न ही रात में अंधेरे से राहत मिली. कई इलाकों में बार-बार ट्रिपिंग की समस्या भी बनी रही. बिजली कभी आती तो कभी चली जाती, जिससे उपभोक्ताओं को यहां तक नहीं पता चल पा रहा था कि वास्तव में बिजली कब आयी और कब फिर गायब हो गयी. स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिजली विभाग केवल औपचारिकता निभा रहा है. विभाग की ओर से बीच-बीच में 10 या 20 मिनट के लिए बिजली आपूर्ति दी जाती है ताकि रिकॉर्ड में यह दिखाया जा सके कि बिजली बाधित नहीं रही. लेकिन हकीकत यह है कि पूरे दिन में मुश्किल से आधा या एक घंटा ही बिजली रहती है. इससे घरेलू उपभोक्ता के साथ-साथ छोटे व्यवसायी भी परेशान हैं. रामरेखा मोहल्ले के निवासी विरेंद्र कुमार ने बताया कि शुक्रवार दोपहर में बिजली गुल हो गयी थी. हमने उसी दिन शिकायत दर्ज करायी थी, जिसकी शिकायत संख्या 56 है. लेकिन शनिवार शाम तक भी न कोई मिस्त्री आया और न बिजली ठीक हुई. विभाग के कॉल सेंटर में फोन लगाने पर बस यही जवाब मिलता रहा कि जल्द मिस्त्री भेजा जा रहा है. ग्रामीण इलाकों को वेलाउर फिडर की स्थिति और बदतर ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी खराब रही. उमरपुर, नाट, मझरिया, हितनपडरी, दुधारचक, गणनी, दहिवर, पडरी, चुरामनपुर समेत दर्जनों गांवों में बिजली 18 घंटे से अधिक बाधित रही. उमरपुर निवासी प्रियंका देबी, सुनिल चौधरी, अभिषेक मिश्रा, जयमंगल राय, जयप्रकाश राय ग्रामीणों ने बताया कि रात में अंधेरे में किसी तरह मोमबत्ती के सहारे समय बिताना पड़ा. कुछ उपभोक्ताओं ने बताया कि बिजली विभाग की हेल्पलाइन पर शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं होती. कई उपभोक्ताओं ने बताया कि जेई हिमांशु फोन नहीं उठाते हैं ताकि पता चल सके कि कितना देर बिजली बाधित रहे. इस संबंध में जब विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता सूर्य प्रकाश सिंह से बात की गयी, तो उन्होंने कहा कि ऐसा संभव नहीं है कि शिकायत के 24 घंटे बाद भी मिस्त्री न पहुंचे. हमने इस मामले की जांच करायी है. जिस शिकायत की बात की जा रही है, वह एक दुकान के नाम से दर्ज की गयी थी. मिस्त्री वहां गया था लेकिन दुकान बंद होने के कारण वापस लौट आया. उन्होंने आगे कहा कि तूफान के कारण कई जगह पेड़ गिर गये हैं और तार टूटे हैं. हमारी टीमें लगातार काम कर रही है. प्राथमिकता के आधार पर मुख्य फीडर और अस्पतालों की लाइनें पहले बहाल की जा रही हैं, उसके बाद अन्य इलाकों में आपूर्ति दी जा रही है.
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