Buxar Farmers Paddy Transplantation : बक्सर के चौसा प्रखंड क्षेत्र में समय पर बारिश नहीं होने और बिजली की कम वोल्टेज की समस्या के कारण धान की रोपनी का काम प्रभावित होने लगा है. कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यह समय रोपनी के लिए सबसे उपयुक्त होता है, लेकिन अनुकूल परिस्थितियां नहीं मिलने से किसान चिंतित हैं.
रामपुर, पलियां, जलीलपुर, डिहरी, सरेंजा और सिकरौल पंचायतों के अधिकांश गांव सोन नहर पर निर्भर हैं, लेकिन अब तक नहर में पानी नहीं पहुंचा है. मानसून का इंतजार कर रहे किसानों के खेत सूखे पड़े हैं, जिससे रोपनी का कार्य रुक गया है.
Buxar News : बोरिंग भी नहीं दे पा रही राहत
जिन किसानों ने वैकल्पिक रूप से बोरिंग की व्यवस्था की है, उन्हें भी राहत नहीं मिल रही. ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार लो वोल्टेज की समस्या बनी हुई है.
बिजली रहने के बावजूद पानी का दबाव इतना कम है कि एक बीघा खेत की सिंचाई करने में कई घंटे लग रहे हैं, जिससे समय और लागत दोनों बढ़ रहे हैं.
Electricity Problem : समय पर रोपनी नहीं हुई तो घटेगा उत्पादन
सिकरौल के श्रीप्रकाश सिंह, पलिया के सुमित सिंह, पुष्पेन्द्र सिंह और अमरनाथ यादव ने बताया कि नर्सरी में बिचड़े पूरी तरह तैयार हैं. यदि समय पर रोपनी नहीं हुई, तो ये बिचड़े अधिक उम्र के हो जाएंगे, जिससे धान की पैदावार पर सीधा असर पड़ेगा.
किसानों की प्रशासन से मांग
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि अगले एक सप्ताह में बारिश नहीं हुई और बिजली की स्थिति में सुधार नहीं आया, तो पूरा रोपनी सीजन प्रभावित हो सकता है.
उन्होंने प्रशासन और बिजली विभाग से पर्याप्त वोल्टेज के साथ नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि समय पर सिंचाई और रोपनी का कार्य पूरा किया जा सके.
चौसा क्षेत्र में बारिश की कमी और लो वोल्टेज की समस्या ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो इसका सीधा असर धान उत्पादन और किसानों की आय पर पड़ सकता है.
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