नगर परिषद के कर्मियों ने शुरू किया काम, मैरिन ड्राइव के नीचे से हटाया मिट्टी
नगर परिषद क्षेत्र में घाटों की सफाई कराना नगर परिषद के लिए चुनौती बना हुआ है.
बक्सर. नगर परिषद क्षेत्र में घाटों की सफाई कराना नगर परिषद के लिए चुनौती बना हुआ है. नगर के कई घाटों की स्थिति खराब है. जिसमें नगर के रामरेखाघाट से सटे जहाज घाट भी शामिल है. जहां छठ व्रतियों के लिए व्रत के दौरान गंगा में प्रवेश करना व स्नान करना मुश्किल भरा होगा. घाट पर ही काफी दलदल है तथा मिट्टी काफी धंस गया है. जिससे व्रतियों को व्रत के दौरान घाट पर पूजा करना मुश्किल भरा हाेगा. अभी जिला प्रशासन से नगर के खतरनाक घाटों को चिन्हित नहीं किया गया है. इसको देखते हुए नगर के रानी घाट समेत छह घाटों को ही खतरनाक मानकर कार्य कर रहा है. जबकि नगर परिषद के अनुसार लगभग सभी घाटों पर सिल्ट जमा हो जाने के कारण खराब घाट भी लगभग अपेक्षाकृत कुछ व्यवस्थित हो गये है.
जहाज घाट बना है खतरनाक
नगर का जहाज घाट पर सिल्ट जमा होने से लोगों को घाट तक पहुंचना मुश्किल हो रहा था. इसको देखते हुए नगर परिषद की सफाई की किरण गुरूवार को जहाज घाट पर पहुंंच गयी है. जहां मजदूर गंगा किनारे बने मैरिन ड्राइव के नीचे गंगा का सिल्ट जमा हो गया है. जिसे मजदूर हटाने का कार्य शुरू कर दिया है. जिससे लोगों को गंगा घाट तक पहुंचने में परेशानी का सामना नहीं करना पड़े. इसके साथ ही नगर परिषद की सफाई कार्य केवल रामरेखाघाट तक ही सीमित दिख रही है. इसके अलावे अन्य गंगा घाटों पर स्थानीय व्रतियों के परिजनों द्धारा ही गंगा घाटों की सफाई के साथ ही अपने घाटों को संरक्षित कर सफाई कराया जा रहा है.
कहते हैं अधिकारी
नगर के सभी घाटों की सफाई व ड्रेसिंग के लिए अतिरिक्त सफाई मजदूरों को लगाया गया है. जिससे छठ के पूर्व सभी घाटों की सफाई कार्य पूरा कराया जा सके. गंगा के प्रतिदिन नीचे गिर रहे जलस्तर के कारण थोड़ी परेशानी हो रही है.
मनीष कुमार, कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद, बक्सर
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है