Buxuar News : डुमरांव शहर के राज प्लस टू उच्च विद्यालय परिसर में गुरुवार को राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीम ने आपदा प्रबंधन एवं बाढ़ से बचाव को लेकर जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया. कार्यक्रम में विद्यार्थियों को आपदा की स्थिति में स्वयं सुरक्षित रहने और दूसरों की मदद करने के व्यावहारिक तरीके बताए गए. प्रशिक्षण के दौरान बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गयी.
बाढ़ के दौरान सुरक्षा और राहत कार्य की दी जानकारी
एसडीआरएफ की टीम ने विद्यार्थियों को बताया कि बाढ़ के दौरान किन सावधानियों का पालन करना चाहिए और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए घरेलू संसाधनों का किस प्रकार उपयोग किया जा सकता है. टीम ने अस्थायी स्ट्रेचर बनाने की विभिन्न विधियों का प्रदर्शन किया. इसके अलावा प्लास्टिक की खाली बोतलों की मदद से लाइफ जैकेट तैयार करने जैसी उपयोगी तकनीकों की भी जानकारी दी.
सीपीआर का लाइव डेमो बना आकर्षण
कार्यक्रम के दौरान टीम ने विद्यार्थियों को सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) कब, किन परिस्थितियों में और किस व्यक्ति को दिया जाना चाहिए, इसकी विस्तार से जानकारी दी. इसके साथ ही सीपीआर का लाइव प्रदर्शन भी किया गया, जिसे छात्र-छात्राओं ने काफी रुचि के साथ देखा और समझा.
एसडीआरएफ टीम और शिक्षक रहे मौजूद
प्रशिक्षण कार्यक्रम में एसडीआरएफ की ओर से सहायक अवर निरीक्षक अशोक कुमार सिंह, सिपाही पुरुषोत्तम कुमार एवं राजीव कुमार शामिल रहे. कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के एमसीसी शिक्षक डॉ. संजय रंजना सिन्हा ने किया. इस अवसर पर शिक्षिका रीना सिंह, डॉ. कविता कुमारी तथा शिक्षक राजेश कुमार, तेजप्रताप और कृष्ण बिहारी प्रसाद सहित विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे.
विद्यार्थियों ने सीखी जीवनरक्षक तकनीकें
प्रशिक्षण के दौरान छात्र-छात्राओं ने आपदा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न प्रदर्शनों को ध्यानपूर्वक देखा और विशेषज्ञों से कई सवाल भी पूछे. कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने कहा कि उन्हें बाढ़ से बचाव, राहत कार्य और प्राथमिक उपचार से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलीं, जो भविष्य में आपदा की स्थिति में उनके लिए उपयोगी साबित होंगी.
