SBI बक्सर को अपने कस्टमर को देना होगा ₹3.96 लाख हर्जाना, बिना ओटीपी आए अकाउंट से हुई थी निकासी

बक्सर उपभोक्ता आयोग ने भारतीय स्टेट बैंक को खाता हैक होने पर ग्राहक को हर्जाना देने का आदेश दिया है। बैंक की सेवा में त्रुटि के कारण यह फैसला लिया गया है।

Buxar Consumer Court Order : बक्सर जिला उपभोक्ता आयोग ने अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में भारतीय स्टेट बैंक की सेवा में कमियां पायी है. आयोग ने परिवादी के खाते से हैकिंग कर निकाले गए 3 लाख 96 हज़ार पांच सौ रुपए के अलावे 20 हज़ार अलग से बतौर हर्जाना के रूप में देने का आदेश सुनाया है. मामला साल 2024 का है.

एलआईसी के सेवानिवृत अधिकारी दिनेश्वर ओझा का भारतीय स्टेट बैंक, बक्सर की मुख्य शाखा में खाता था. इस बीच 19 अगस्त 2021 को उनके मोबाइल पर एक फोन आया. कॉल करने वाले ने खुद को नेशनल कंज्यूमर बोर्ड का प्रतिनिधि बताया. अचानक 3 मिनट के अंदर उनका मोबाइल हैक कर खाते से चार बार में कुल 3,96,500 रुपए निकाल लिए गए. दिनेश्वर ओझा का कहना है कि उन्होंने न कोई ओटीपी साझा किया था और न ही यूजर आईडी पासवर्ड बताया था.

उक्त मामले की सुनवाई में जिला उपभोक्ता आयोग ने पाया कि बैंक ने आरबीआई के गाइडलाइन का उल्लंघन किया है, जिसके चलते हैकिंग कर अवैध निकासी की गई थी. उपभोक्ता आयोग ने अपने आदेश में दिनेश्वर ओझा द्वारा दाखिल किए गए सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश का उल्लेख भी किया है. इसमें कहा गया है कि यदि उपभोक्ता के द्वारा कोई लापरवाही न की गई हो तो परिवादी का कोई दायित्व नहीं बनता है.

दोनों पक्षों को सुनवाई के बाद जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष वेद प्रकाश सिंह एवं सदस्य राजीव सिंह की खंडपीठ ने आज अपना फैसला सुनाया. कहा गया कि भारतीय स्टेट बैंक बक्सर शाखा एवं मुख्य प्रबंधक पटना की सेवा में त्रुटि मिली है. इसलिए आदेशित किया जाता है कि 60 दिनों के अंदर परिवादी के खाते से अनाधिकृत रूपये से निकाले गए 3,96,500 रुपए के अलावा परिवाद पत्र दाखिल करने की तिथि से 5% ब्याज एवं क्षतिपूर्ति के रूप में 20 हज़ार रूपये का भुगतान करें. ऐसा नहीं करने पर 8% ब्याज़ के साथ राशि वसूली जाएगी.


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By Vishnu dutta

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