Buxar News : श्रावण मास शुरू होते ही रामरेखा घाट पर गंगाजल लेने आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. इसी को देखते हुए नगर परिषद ने शनिवार को अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया. हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कार्रवाई केवल औपचारिकता बनकर रह गई, क्योंकि मुख्य मार्ग से कुछ अतिक्रमण हटाए गए, लेकिन घाट की सीढ़ियों पर लगी चौकियों को नहीं हटाया गया.
मेन गेट तक कार्रवाई, सीढ़ियों पर बना रहा कब्जा
नगर परिषद का अभियान सिटी मैनेजर नीरज झा के नेतृत्व में चलाया गया. अभियान के दौरान पूर्व से अतिक्रमण मुक्त कराए गए मेन गेट से रामरेखा घाट तक के हिस्से में कार्रवाई की गई, लेकिन घाट की सीढ़ियों पर लगी चौकियों को यथावत छोड़ दिया गया. इससे श्रद्धालुओं के आवागमन में बाधा बनी हुई है.
रविवार को उमड़ती है कांवरियों की भीड़
रविवार को दोपहर बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगाजल लेने रामरेखा घाट पहुंचते हैं. यहां से जल लेकर कांवरिये अपने-अपने शिवालयों और मंदिरों में भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं. वहीं शाम होते-होते मिनी बाबा धाम के रूप में प्रसिद्ध बाबा ब्रह्मेश्वर मंदिर में जलाभिषेक के लिए भी भारी भीड़ उमड़ती है.
सीढ़ियों पर चौकियों से बढ़ी परेशानी
घाट की सीढ़ियों पर लगी चौकियों के कारण कांवरियों को गंगा तक पहुंचने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है. अतिक्रमण की वजह से घाट का बड़ा हिस्सा प्रभावित है, जिससे एक साथ हजारों श्रद्धालुओं के आने पर अव्यवस्था की आशंका बनी हुई है. स्थानीय लोगों ने नगर परिषद से सीढ़ियों पर किए गए अतिक्रमण को भी हटाने की मांग की है, ताकि श्रावण मास में श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो.
